दिल्ली के मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को 1984 के सिख विरोधी दंगों में मारे गए लोगों के आश्रितों को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की। इस मौके पर 125 लोगों को मल्टी टास्किंग स्टाफ (MTS) के पद पर नियुक्ति पत्र सौंपे गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 1984 के दंगों में जिन्होंने अपने परिवार के सदस्य खोए, उनके दुख की भरपाई तो नहीं हो सकती, लेकिन उन्हें सम्मानजनक जीवन देने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि जब से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार केंद्र में आई है, तब से दंगा पीड़ितों को न्याय दिलाने और दोषियों को सजा दिलाने की दिशा में गंभीर प्रयास किए जा रहे हैं।
रेखा गुप्ता ने बताया कि केंद्र सरकार के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए दिल्ली सरकार इन पीड़ित परिवारों को स्थायी रोजगार देकर उनके जीवन को बेहतर बनाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा, “हम अतीत को तो नहीं बदल सकते, लेकिन वर्तमान को जरूर सुधार सकते हैं।”
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कश्मीरी विस्थापितों को भी पिछली सरकारों ने लंबे समय तक नजरअंदाज किया, लेकिन अब हमारी सरकार उन्हें मदद देने के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही, कोरोना महामारी में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को सहायता देने के लिए विशेष कमेटी बनाई गई है।
इस मौके पर मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि पिछली सरकारों से बार-बार अपील की गई लेकिन पीड़ितों की बात नहीं सुनी गई। जबकि हमारी सरकार ने 100 दिन में वह काम कर दिखाया, जो पहले 10 साल में नहीं हुआ। कार्यक्रम में दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका, राजस्व विभाग के अधिकारी और पीड़ित परिवार शामिल हुए।