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उपचुनावों में AAP और कांग्रेस की बड़ी जीत, BJP सिर्फ एक सीट बचा पाई

हाल ही में हुए पांच विधानसभा उपचुनावों में आम आदमी पार्टी (AAP) और कांग्रेस ने बड़ी जीत दर्ज की। AAP ने पंजाब के लुधियाना पश्चिम और गुजरात के विसावदर में शानदार जीत हासिल की

👤 Saurabh 23 Jun 2025 03:43 PM

दिल्ली की हार से उबरने की कोशिश में जुटी आम आदमी पार्टी (AAP) को गुजरात और पंजाब में राहत मिली है। पार्टी ने गुजरात के विसावदर और पंजाब के लुधियाना पश्चिम विधानसभा सीटों पर बड़ी जीत हासिल की। वहीं कांग्रेस ने भी केरल की नीलांबुर सीट पर जोरदार वापसी की।

पंजाब का लुधियाना पश्चिम: संजीव अरोड़ा की जबरदस्त जीत

आम आदमी पार्टी के नेता संजीव अरोड़ा ने 10,000 से ज्यादा वोटों से कांग्रेस और बीजेपी को पछाड़ते हुए जीत दर्ज की। यह सीट पहले आप विधायक गुरप्रीत गोगी के निधन के बाद खाली हुई थी। कांग्रेस के भारत भूषण आशु दूसरे नंबर पर रहे, जबकि भाजपा के जीवन गुप्ता तीसरे नंबर पर। अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, आतिशी जैसे बड़े चेहरों ने प्रचार में दम झोंका।

गुजरात का विसावदर: गोपाल इटालिया ने बीजेपी को दी करारी शिकस्त

पाटीदार नेता और आप के पूर्व अध्यक्ष गोपाल इटालिया ने बीजेपी के किरीट पटेल को हराकर धमाकेदार जीत दर्ज की। इटालिया ने करीब 17,000 वोटों से जीत दर्ज की, यह सीट लंबे समय से बीजेपी का गढ़ मानी जाती थी।

केरल का नीलांबुर: कांग्रेस की प्रतिष्ठा बची

कांग्रेस की ओर से आर्यदान शौकत ने वामपंथी उम्मीदवार एम स्वराज को 11,000 वोटों से हराया। यह सीट प्रियंका गांधी के संसदीय क्षेत्र वायनाड में आती है, और इसे कांग्रेस की प्रतिष्ठा की लड़ाई माना जा रहा था। शौकत के पिता आर्यदान मोहम्मद आठ बार इसी सीट से विधायक रह चुके हैं।

गुजरात का कडी: बीजेपी की इकलौती जीत

राजेंद्र चावड़ा ने कांग्रेस और आप के बीच मुकाबले में 39,000 वोटों से जीत दर्ज की। यह सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित थी और भाजपा विधायक करसन सोलंकी के निधन के बाद खाली हुई थी।

बंगाल का कालीगंज: TMC आगे TMC की अलीफा अहमद अपने प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के काबिल उद्दीन शेख से काफी आगे हैं। यह सीट उनके पिता और विधायक नसीरुद्दीन अहमद के निधन के बाद खाली हुई थी। यहां 54% मुस्लिम वोटर हैं और मुकाबला TMC बनाम BJP है।

केजरीवाल का दावा: 2022 से दोगुना अंतर

आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने एक्स (Twitter) पर कहा,“हमारी सरकार के काम से जनता खुश है, गुजरात में लोग अब भाजपा से तंग आ चुके हैं।”

इन उपचुनावों ने साफ कर दिया कि आम आदमी पार्टी और कांग्रेस अब भी जमीनी पकड़ बनाए हुए हैं। वहीं भाजपा को रणनीति फिर से सोचनी पड़ सकती है, खासकर उन राज्यों में जहां अगले साल चुनाव होने हैं।