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'प्लेन उड़ाने लायक नहीं हो, जाओ जूते सिलो', इंडिगो में ट्रेनी पायलट से जातिगत अपमान? FIR दर्ज

इंडिगो में SC वर्ग के ट्रेनी पायलट पर गुरुग्राम ऑफिस में तीन अधिकारियों द्वारा जातिगत अपमान के गंभीर आरोप लगे. उन्हें कहा गया, 'प्लेन उड़ाने लायक नहीं हो, जाओ जूते सिलो. SC/ST एक्ट अंतर्गत FIR दर्ज की गई है.

👤 Sagar 23 Jun 2025 01:14 PM

इंडिगो एयरलाइंस इन दिनों एक गंभीर विवाद में फंस गई है कंपनी के एक ट्रेनी पायलट ने तीन वरिष्ठ अधिकारियों पर जातिगत टिप्पणियों और मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं. शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उसे 'हवाई जहाज उड़ाने लायक नहीं' बताया गया और अपमानजनक रूप से कहा गया, 'तू चप्पल सिलने लायक है' यह मामला अब कानूनी मोड़ ले चुका है और अनुसूचित जाति/जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की गई है.

पायलट का दावा- 'जाति के कारण किया गया अपमान'

35 वर्षीय ट्रेनी पायलट, जो अनुसूचित जाति से ताल्लुक रखते हैं, ने आरोप लगाया कि 28 अप्रैल को इंडिगो के गुरुग्राम ऑफिस में हुई एक बैठक के दौरान तीन अधिकारियों तपस डे, मनीष साहनी और कैप्टन राहुल पाटिल ने उनके खिलाफ अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया.

उनके अनुसार, मीटिंग में कहा गया, 'तुम विमान उड़ाने लायक नहीं हो, वापस जाओ और चप्पल सी लो. तुम यहां चौकीदार बनने लायक भी नहीं हो. पायलट का दावा है कि यह सब उन्हें मानसिक रूप से तोड़ने और इस्तीफा देने के लिए मजबूर करने की साजिश थी.

शिकायत के बावजूद नहीं मिली राहत, आखिरकार पुलिस का सहारा लिया

पीड़ित पायलट ने इस मामले की शिकायत पहले कंपनी के उच्चाधिकारियों और इंडिगो की एथिक्स कमेटी से की थी, लेकिन जब वहां से कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली, तो उन्होंने पुलिस से संपर्क किया. शुरुआती तौर पर बेंगलुरु में ज़ीरो FIR दर्ज की गई थी, जिसे अब गुरुग्राम स्थानांतरित कर दिया गया है, जहां इंडिगो का मुख्यालय स्थित है.

वेतन में कटौती और फर्जी चेतावनियां भी दी गईं

शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि उन्हें जबरन पुनः प्रशिक्षण (retraining) में भेजा गया, वेतन में अनुचित कटौती की गई और कई बार बिना वजह चेतावनियां दी गईं. उनका कहना है कि यह सब उन्हें पेशेवर रूप से असफल साबित करने और जातिगत आधार पर प्रताड़ित करने की कोशिश थी.

इंडिगो की प्रतिक्रिया: ‘बेसलेस आरोप हैं’

इंडिगो ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है, 'इंडिगो किसी भी प्रकार के भेदभाव, उत्पीड़न या पक्षपात के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस नीति अपनाता है. हम एक समावेशी और सम्मानजनक कार्यस्थल में विश्वास रखते हैं. यह आरोप बेबुनियाद हैं और कंपनी कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग करेगी.