मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार ने सुस्त शुरुआत की और शुरुआत से ही गिरावट का माहौल देखने को मिला। पिछले कुछ दिनों की तेजी के बाद बाजार पर दबाव साफ नजर आया। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही लाल निशान में खुले और धीरे-धीरे गिरावट बढ़ती गई। बड़े शेयरों के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों में भी बिकवाली दिखी, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई। इस गिरावट के चलते कुछ ही समय में बाजार की कुल वैल्यू में भारी कमी आई और निवेशकों को बड़ा नुकसान झेलना पड़ा।
शुरुआती कारोबार में कई बड़ी कंपनियों के शेयर दबाव में रहे। खासतौर पर एविएशन, बैंकिंग और ऑटो सेक्टर के कुछ दिग्गज शेयरों में अच्छी-खासी गिरावट देखने को मिली। हालांकि आईटी और फाइनेंस सेक्टर के कुछ शेयर हल्की बढ़त के साथ ट्रेड करते नजर आए, जिससे बाजार को थोड़ी बहुत राहत मिली।
अगर सेक्टर की बात करें तो ऑटो और सरकारी बैंकों से जुड़े इंडेक्स में सबसे ज्यादा गिरावट देखी गई। वहीं मेटल सेक्टर में हल्की मजबूती रही। बाजार में उतार-चढ़ाव को मापने वाला इंडेक्स (VIX) भी बढ़ा, जो निवेशकों के बीच बढ़ती अनिश्चितता को दर्शाता है। कुल मिलाकर गिरने वाले शेयरों की संख्या बढ़ने वाले शेयरों से ज्यादा रही।
1. वैश्विक तनाव का असर मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और बड़े देशों के बीच कड़े बयानबाजी से बाजार पर नकारात्मक असर पड़ा है। इससे निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ है।
2. कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें तेल की कीमतों में तेजी से इजाफा हो रहा है, जिससे महंगाई बढ़ने का डर रहता है। इसका सीधा असर कंपनियों के खर्च और मुनाफे पर पड़ता है।
3. बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी जब बॉन्ड से मिलने वाला रिटर्न बढ़ता है, तो निवेशक शेयर बाजार से पैसा निकालकर सुरक्षित विकल्पों की ओर बढ़ते हैं। इससे शेयर बाजार में दबाव बनता है।
4. विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली विदेशी निवेशक लगातार भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे हैं, जिससे बाजार की मजबूती कमजोर पड़ रही है।
5. मुनाफावसूली (Profit Booking) हाल ही में आई तेजी के बाद कई निवेशकों ने मुनाफा निकालना शुरू कर दिया, जिससे बाजार में गिरावट आ गई।
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