प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार सुबह उत्तर प्रदेश और मुंबई में धार्मिक रूपांतरण और धन शोधन से जुड़े एक बड़े मामले में व्यापक छापेमारी अभियान शुरू किया. यह कार्रवाई कुख्यात छांगुर बाबा उर्फ जमालुद्दीन के खिलाफ चल रही जांच का हिस्सा है, जिस पर विदेशी फंड के दुरुपयोग, गैरकानूनी धर्मांतरण और राष्ट्र सुरक्षा को खतरे में डालने जैसे गंभीर आरोप हैं.
जांच एजेंसी ने सुबह 5 बजे से उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले के उतरौला क्षेत्र में 12 ठिकानों और मुंबई में 2 स्थानों पर छापेमारी शुरू की. यह कदम तब उठाया गया है जब ED ने 9 जुलाई को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत चंगूर बाबा के खिलाफ ECIR (Enforcement Case Information Report) दर्ज की थी.
ED के अनुसार, जांच में यह जानकारी सामने आई है कि छांगुर बाबा और उसके नेटवर्क को मिडिल ईस्ट देशों से 106 करोड़ रुपये की फंडिंग प्राप्त हुई है, जो भारत में 40 अलग-अलग बैंक खातों में जमा की गई थी. ये धनराशि कथित तौर पर धार्मिक रूपांतरण और समाज में वैमनस्य फैलाने के लिए इस्तेमाल की जा रही थी. एजेंसी को शक है कि विदेशी चंदे का इस्तेमाल अवैध गतिविधियों, विशेषकर जबरन या प्रलोभन से धर्म परिवर्तन और सामाजिक अस्थिरता फैलाने के लिए किया गया.
ED ने 10 जुलाई को लखनऊ ATS के SP को पत्र भेजकर FIR की प्रमाणित प्रति, चंगूर बाबा और उसके सहयोगियों के बैंक खाते, संपत्ति विवरण और संगठन से जुड़ी जानकारी मांगी थी। इसके अलावा जिला प्रशासन को भी पत्र भेजकर उनके अवैध निर्माण और चल-अचल संपत्तियों का ब्योरा देने को कहा गया. बैंकों के एंटी मनी लॉन्ड्रिंग (AML) सेल को ईमेल कर उन सभी खातों की जानकारी मांगी गई, जो FIR में दर्ज हैं.
ED के मुताबिक, 5 जुलाई को चंगूर बाबा और उसकी सहयोगी नीतू उर्फ नसीरीन को लखनऊ के एक होटल से गिरफ्तार किया गया था. दोनों फिलहाल 16 जुलाई तक ATS की हिरासत में हैं. इसी बीच जिला प्रशासन ने मधुपुर गांव में स्थित चंगूर बाबा के आवास समेत कई अवैध निर्माणों पर ध्वस्त करण की कार्रवाई शुरू कर दी है.
ED के अनुसार, चंगूर बाबा ने चांद औलिया दरगाह को मुख्य केंद्र बनाकर एक संगठित नेटवर्क तैयार किया, जहां देशी और विदेशी नागरिकों की भीड़ जुटाकर धर्म परिवर्तन के आयोजन किए जाते थे. छांगुर बाबा पर आरोप है कि वह अपने प्रवचनों, 'शिजरा-ए-तय्यबा' नामक पुस्तक के प्रचार और मनोवैज्ञानिक प्रभाव से विशेष रूप से हिंदू, अनुसूचित जातियों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को इस्लाम धर्म अपनाने के लिए प्रेरित, प्रभावित और बाध्य करता था.
जांच में यह भी सामने आया कि चंगूर बाबा ने बीते कुछ वर्षों में 100 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति अर्जित की है, जिसमें आवासीय, व्यावसायिक और धार्मिक संरचनाएं शामिल हैं. इनमें से कई निर्माण बिना किसी विधिवत भू उपयोग स्वीकृति के किए गए हैं. प्रवर्तन निदेशालय अब विदेशी फंडिंग के स्रोत, लेनदेन की श्रृंखला और उपयोग की गहराई से जांच कर रहा है। PMLA और FCRA उल्लंघन के मद्देनज़र आने वाले दिनों में और कड़ी कार्रवाई की संभावना है.