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Independence Day 2025 : गंगागढ़ के सरकारी स्कूल में स्वतंत्रता दिवस पर दिखा अनोखा नजारा, तिरंगे की शान ने जीता दिल…!

Independence Day 2025 : बुलंदशहर के गंगागढ़ गांव के सरकारी स्कूल में आज कुछ ऐसा हुआ जिसने पूरे माहौल को देशभक्ति से भर दिया… तिरंगा लहराया, गीत गूंजे और बच्चों की अदाएं सबको भावुक कर गईं.

👤 Samachaar Desk 15 Aug 2025 10:49 AM

Independence Day 2025 : आज जहां देश भर में जगह-जगह आजादी का उत्सव मनाया जा रहा है वहीं, उत्तर प्रदेश के जनपद बुलंदशहर के गांव गंगागढ़ स्थित सरकारी स्कूल में इस बार स्वतंत्रता दिवस का आयोजन बड़े ही उत्साह और देशभक्ति के माहौल में मनाया गया. 79वां स्वतंत्र दिवस पर सभी लोग जश्न मना रहे हैं. छोटे बच्चें झंडा लहराते हुए नजर आ रहा है. साथ ही गाने कविता से माहौल को शानदार बना रहे हैं.

बुलंदशहर के गांव गंगागढ़ में स्कूल के शिक्षक, ग्रामवासी, अभिभावक और बच्चे सभी इस खास मौके पर उपस्थित रहे. कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रीय ध्वज फहराने से हुई. स्कूल प्रांगण में तिरंगा फहरते ही सभी उपस्थित लोगों ने एक साथ खड़े होकर राष्ट्रगान गाया. इस दौरान बच्चों के हाथों में छोटे-छोटे तिरंगे लहराते नजर आए, जिससे पूरा वातावरण देशभक्ति के रंग में रंग गया.

महिलाओं की भागीदारी

कार्यक्रम की एक खास बात यह रही कि टीचर्स ने पारंपरिक परिधान पहनकर दिन को और खास बनाया. पीली, गुलाबी और हरे रंग की साड़ियों में सजी टीचर्स मंच पर मौजूद थीं और उन्होंने स्वतंत्रता दिवस के महत्व पर अपने विचार भी रखे. उनकी उपस्थिति ने यह साबित किया कि गांव में शिक्षा और सामाजिक कार्यक्रमों में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है.

बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम

ध्वजारोहण के बाद बच्चों ने देशभक्ति गीत, कविताएं और नृत्य प्रस्तुत किए. छोटे बच्चों ने महात्मा गांधी, भगत सिंह और रानी लक्ष्मीबाई जैसे स्वतंत्रता सेनानियों की भूमिका निभाकर सभी का दिल जीत लिया. बच्चों के उत्साह और आत्मविश्वास ने साफ दिखाया कि वे देश के प्रति गहरी भावनाएं रखते हैं. सभी छोटे बच्चे लाइन में बैठे हुए थे औक उत्साह से जश्न मना रहे थे.


ग्राम प्रधान और शिक्षकों का संबोधन

ग्राम प्रधान और स्कूल के शिक्षकों ने अपने संबोधन में बच्चों को शिक्षा का महत्व बताया और उन्हें देश के भविष्य निर्माता बनने के लिए प्रेरित किया. उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता केवल आजादी का प्रतीक नहीं, बल्कि यह जिम्मेदारी निभाने का अवसर भी है.