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बठिंडा के गांव फूलेवाला में धार्मिक बेअदबी का मामला, ग्रामीणों में आक्रोश

पंजाब के बठिंडा जिले के गांव फूलेवाला में भगत रविदास जी के श्लोकों से जुड़े धार्मिक पन्ने फाड़कर बस अड्डे पर फेंक दिए गए, जिससे ग्रामीणों में गहरा आक्रोश फैल गया।

👤 Saurabh 10 Feb 2026 02:00 AM

पंजाब के बठिंडा जिले में स्थित रामपुरा फूल के गांव फूलेवाला में धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी का गंभीर मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके में चिंता और आक्रोश की लहर फैला दी है। घटना में शरारती तत्वों द्वारा भगत रविदास जी के श्लोकों से संबंधित पन्नों को फाड़कर बस अड्डे के पास फेंक दिया गया।

इस घटना ने गांववासियों की धार्मिक भावनाओं को गहराई से आहत किया है और स्थानीय लोगों ने दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग तेज़ कर दी है।

फटे हुए पन्ने मिलने से शुरू हुआ विवाद

जानकारी के अनुसार, गांववासियों ने बस अड्डे के पास फटे हुए धार्मिक पन्ने देखे, जो भगत रविदास जी के श्लोकों से संबंधित थे। घटना की गंभीरता को देखते हुए, लोगों ने तुरंत पुलिस और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) को इसकी सूचना दी। ग्रामीणों का कहना है कि यह एक सुनियोजित हमला प्रतीत होता है, जिसका मकसद धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाना है।

जत्थेदार की टीम ने किया घटनास्थल का निरीक्षण

मामले की गंभीरता को देखते हुए, तख्त श्री दमदमा साहिब के जथेदार भाई टेक सिंह धनौला अपनी टीम के साथ घटनास्थल पहुंचे। उन्होंने पूरे इलाके का निरीक्षण किया और घटनाक्रम की रिपोर्ट तैयार की। जत्थेदार ने स्पष्ट किया कि फटे पन्ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब या गुटका साहिब से संबंधित नहीं थे, बल्कि ये केवल भगत रविदास जी के श्लोकों से जुड़े थे। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की और कहा कि धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाना चाहिए।

तनावपूर्ण माहौल और पुलिस की भूमिका

घटना के बाद गांव में तनावपूर्ण माहौल व्याप्त हो गया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पुलिस इस मामले को दबाने की कोशिश कर रही है, जबकि दोषियों को सार्वजनिक तौर पर दंडित किया जाना चाहिए। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो यह मामला और बड़ा रूप ले सकता है।

वहीं, थाना फूल पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारी बता रहे हैं कि आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और दोषियों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि मामले की तह तक जाकर आरोपियों को कानूनी रूप से जिम्मेदार ठहराया जाएगा।

धार्मिक संगठनों की प्रतिक्रिया

एसजीपीसी और स्थानीय धार्मिक संगठनों ने भी इस घटना की कड़ी निंदा की है। जत्थेदार टेक सिंह धनौला ने कहा कि धार्मिक ग्रंथों और श्लोकों की बेअदबी समाज के लिए अस्वीकार्य है और इससे सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ सकता है। उन्होंने सभी धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं से अपील की कि वे शांतिपूर्ण तरीके से स्थिति को नियंत्रित करने में मदद करें और दोषियों की पहचान में सहयोग करें।