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मार्च की शुरुआत में ही झुलसाने लगी गर्मी! गुरदासपुर में तापमान 35°C के पार, किसान भी चिंतित

Punjab Weather: पंजाब के गुरदासपुर जिले में इस साल मार्च की शुरुआत में ही गर्मी महसूस होने लगी है। मौसमी आंकड़ों के अनुसार दिन का औसत तापमान लगभग 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जो पिछले वर्षों की तुलना में करीब 5 डिग्री ज्यादा है।

👤 Ashwani Kumar 07 Mar 2026 01:07 PM

पंजाब के गुरदासपुर जिले में इस साल मौसम का मिजाज तेजी से बदलता नजर आ रहा है। मार्च के पहले हफ्ते में ही लोगों को गर्मी का एहसास होने लगा है। आमतौर पर इस समय मौसम सुहावना रहता है, लेकिन इस बार तापमान में अचानक आई बढ़ोतरी ने लोगों को हैरान कर दिया है। सर्दियों के दौरान सामान्य से कम बारिश होने के कारण लोगों को सूखी ठंड का सामना करना पड़ा और अब उसी का असर गर्मी के रूप में दिखाई देने लगा है।

तापमान में करीब 5 डिग्री की बढ़ोतरी

मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार इस समय गुरदासपुर में दिन का औसत तापमान लगभग 35 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जा रहा है। जबकि पिछले वर्षों में इसी समय के दौरान तापमान आमतौर पर 29 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता था। इस तरह तापमान में करीब 5 डिग्री तक की वृद्धि दर्ज की गई है, जिसे मौसम में हो रहे बदलाव का संकेत माना जा रहा है। सिर्फ दिन ही नहीं, बल्कि रात के तापमान में भी तेजी से बढ़ोतरी देखी जा रही है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि सर्दियों में कम बारिश होने के कारण मिट्टी में नमी की कमी आ गई है, जिससे तापमान तेजी से बढ़ रहा है।

होली के आसपास भी नहीं हुई बारिश

आमतौर पर होली के आसपास के दिनों में मध्यम या भारी बारिश देखने को मिलती है, जिससे मौसम में ठंडक बनी रहती है। लेकिन इस साल होली का त्योहार भी बिना बारिश के ही निकल गया। बारिश की कमी के कारण वातावरण में नमी घट गई है, जिससे तापमान में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अगर आने वाले दिनों में बारिश नहीं होती है तो गर्मी और ज्यादा बढ़ सकती है।

रबी फसलों पर पड़ सकता है असर

मौसम में आए इस बदलाव का असर कृषि क्षेत्र पर भी पड़ने की आशंका जताई जा रही है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ते तापमान और मिट्टी में नमी की कमी के कारण रबी फसलों की पैदावार प्रभावित हो सकती है। खासकर गेहूं की फसल पर इसका ज्यादा असर पड़ सकता है। यदि तापमान इसी तरह बढ़ता रहा तो गेहूं के दाने बनने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है, जिससे उत्पादन में कमी आने की संभावना है।

लोगों की दिनचर्या और स्वास्थ्य पर असर

मार्च के शुरुआती दिनों में ही बढ़ती गर्मी का असर लोगों की दिनचर्या पर भी दिखाई देने लगा है। दोपहर के समय धूप की तीव्रता बढ़ने के कारण बाजारों और सड़कों पर लोगों की आवाजाही कुछ कम हो गई है। डॉक्टरों का कहना है कि अचानक बढ़ते तापमान के कारण डिहाइड्रेशन, थकान और सिरदर्द जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। वहीं विशेषज्ञों का मानना है कि मौसम में इस तरह का अचानक बदलाव जलस्रोतों, जीव-जंतुओं और पूरे पर्यावरण पर भी असर डाल सकता है। यदि जल्द बारिश नहीं होती, तो आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।