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कनाडा में पंजाबी इन्फ्लुएंसर नैंसी ग्रेवाल की बेरहमी से हत्या, पहले ही पुलिस को बताया था जान का खतरा

Nancy Grewal Murder Case: कनाडा में पंजाबी इन्फ्लुएंसर और नर्स नैंसी ग्रेवाल की हत्या के मामले में नए खुलासे सामने आए हैं। उनकी बहन ने दावा किया है कि नैंसी को पहले से अपनी जान को खतरा होने का अंदेशा था और उन्होंने पुलिस को कुछ संदिग्ध लोगों के नाम भी बताए थे।

👤 Ashwani Kumar 07 Mar 2026 12:23 PM

कनाडा में पंजाबी इन्फ्लुएंसर, सिंगर और पेशे से नर्स रहीं नैंसी ग्रेवाल की हत्या के मामले में नए खुलासे सामने आए हैं। पहले उनकी मां ने कई गंभीर आरोप लगाए थे और अब नैंसी की बहन अलीशा ने भी इस घटना से जुड़ी कई अहम बातें साझा की हैं। परिवार का दावा है कि नैंसी को पहले से ही अपनी जान को खतरा होने का अंदेशा था और इस बारे में उन्होंने कनाडा पुलिस को भी जानकारी दी थी। अलीशा के मुताबिक, नैंसी ने पुलिस को कुछ संदिग्ध लोगों के नाम भी बताए थे।

उन्होंने यह भी कहा था कि अगर उनके साथ कोई अनहोनी होती है तो इन लोगों से पूछताछ की जाए। परिवार का कहना है कि यह हत्या अचानक नहीं बल्कि पहले से बनाई गई साजिश का हिस्सा हो सकती है।

दोस्त ने पहले ही दी थी चेतावनी

नैंसी की बहन के अनुसार, घटना से करीब 15 दिन पहले ही नैंसी के एक करीबी दोस्त ने उन्हें सावधान किया था। दोस्त ने बताया था कि कुछ लोग उनकी हत्या की साजिश रच रहे हैं और उन्हें कुछ समय के लिए सुरक्षित जगह पर चले जाना चाहिए। हालांकि नैंसी ने इस सलाह को मानने से इनकार कर दिया। उनका कहना था कि वह डरकर पीछे नहीं हटेंगी।

उन्होंने साफ कहा था कि अगर सच के लिए खड़ा होना पड़े तो वह इसके लिए तैयार हैं, चाहे इसकी कीमत उन्हें अपनी जान से ही क्यों न चुकानी पड़े।

मरीज की सुरक्षा के लिए उठाया बड़ा कदम

अलीशा ने बताया कि घटना के समय नैंसी एक पैरालाइज्ड मरीज की देखभाल कर रही थीं। उन्होंने अपने दोस्त से भी कहा था कि वह अपने क्लाइंट को अकेला नहीं छोड़ सकतीं। हमले के दौरान भी नैंसी ने सबसे पहले मरीज की सुरक्षा को ध्यान में रखा। उन्होंने घर का दरवाजा बंद कर दिया ताकि हमलावर अंदर घुसकर उस बुजुर्ग मरीज को नुकसान न पहुंचा सकें। बताया जा रहा है कि मंगलवार रात करीब 9 बजे उस घर के बाहर नैंसी पर हमला किया गया, जहां वह मरीज की देखभाल कर रही थीं।

हमलावरों से डटकर लड़ीं नैंसी

बहन के मुताबिक, नैंसी ने हमलावरों का बहादुरी से सामना किया और खुद को बचाने की कोशिश भी की। लेकिन दोनों हमलावरों ने उन्हें घर के पीछे एक सुनसान जगह पर घेर लिया और उन पर हमला कर दिया। जब हमलावरों ने हमला किया तो नैंसी घर की ओर भागीं, लेकिन दरवाजा ऑटो लॉक हो चुका था। घर के अंदर मौजूद बुजुर्ग महिला पैरालाइज्ड थीं और दरवाजा खोलने में असमर्थ थीं। हालांकि उन्होंने तुरंत पुलिस को फोन कर घटना की जानकारी दी।

परिवार के अनुसार, हमलावरों ने नैंसी पर चाकू से कई वार किए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। पुलिस के पहुंचने तक काफी खून बह चुका था। अस्पताल ले जाते समय एम्बुलेंस में ही नैंसी ने दम तोड़ दिया।