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पंजाब के पेंशनरों के लिए बड़ी खुशखबरी! हाईकोर्ट का आदेश… सभी को मिलेगा पेंशन और DA एरियर

पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने पंजाब में लंबित संशोधित पेंशन और महंगाई भत्ता (DA) के एरियर को लेकर बड़ा निर्देश जारी किया है। अदालत ने कहा कि इन लाभों को केवल याचिकाकर्ताओं तक सीमित न रखते हुए राज्य के सभी पात्र पेंशनरों को दिया जाए।

👤 Ashwani Kumar 14 Mar 2026 01:47 PM

पंजाब में लंबे समय से लंबित संशोधित पेंशन और महंगाई भत्ता (डीए) के एरियर को लेकर दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि जिन पेंशनरों को संशोधित पेंशन, अवकाश नकदीकरण और डीए के एरियर का लाभ मिलना चाहिए, उन्हें यह लाभ केवल याचिका दायर करने वालों तक सीमित नहीं रहना चाहिए।

अदालत ने कहा कि यह सुविधा राज्य के सभी पात्र पेंशनरों को समान रूप से उपलब्ध कराई जानी चाहिए, ताकि किसी के साथ भेदभाव न हो।

तीन महीने में रिपोर्ट देने का आदेश

यह निर्देश जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ की पीठ ने सुनवाई के दौरान जारी किए। अदालत ने पंजाब के मुख्य सचिव को आदेश दिया कि राज्य के सभी पात्र पेंशनरों को देय लाभ सुनिश्चित किए जाएं। इसके साथ ही अदालत ने यह भी कहा कि इस प्रक्रिया की अनुपालन रिपोर्ट तीन महीने के भीतर अदालत में पेश की जाए। यह रिपोर्ट किसी जिम्मेदार अधिकारी के शपथ पत्र के माध्यम से दाखिल करनी होगी, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि आदेशों का पालन किया गया है।

याचिकाकर्त्ताओं की क्या थी मांग

इस मामले में सुरिंद्र सिंह समेत कई पेंशनरों ने अदालत का दरवाजा खटखटाया था। याचिकाकर्त्ताओं ने बताया कि वे पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड तथा राज्य के विभिन्न बोर्डों और निगमों से सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं। उन्होंने अदालत से मांग की थी कि 1 जनवरी 2016 से 30 जून 2021 तक की संशोधित पेंशन के एरियर का भुगतान किया जाए। इसके अलावा 1 जुलाई 2015 से केंद्र सरकार के पैटर्न के अनुसार संशोधित डीए भी जारी किया जाए। याचिकाकर्त्ताओं ने यह भी कहा कि भुगतान में हुई देरी के कारण उन्हें आर्थिक नुकसान हुआ है, इसलिए एरियर पर ब्याज भी दिया जाना चाहिए।

पेंशनरों की मुश्किलों का भी हुआ जिक्र

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्त्ताओं के वकीलों ने अदालत को बताया कि एरियर के इंतजार में अब तक 35 हजार से ज्यादा पेंशनरों का निधन हो चुका है। बढ़ती उम्र, स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं और महंगाई के कारण पेंशनरों पर आर्थिक दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। वकीलों ने यह भी दलील दी कि सरकार पहले ही संशोधित वेतन और डीए को स्वीकार कर चुकी है, फिर भी एरियर का भुगतान लंबे समय से लंबित है। सुनवाई के दौरान अदालत ने छठे वेतन आयोग की सिफारिशों और राज्य सरकार द्वारा 2021 में अधिसूचित संशोधित वेतन नियमों का भी उल्लेख किया।

अदालत का मानना है कि जब सरकार ने नई वेतन व्यवस्था को स्वीकार कर लिया है, तो पेंशनरों को भी उसका लाभ समय पर मिलना चाहिए। इस फैसले के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि पंजाब के हजारों पेंशनरों को जल्द ही उनके लंबित एरियर का लाभ मिल सकता है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में कुछ राहत आएगी।