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पंजाब में ऑनलाइन पढ़ाई को बढ़ावा, निजी डिजिटल ओपन यूनिवर्सिटी नीति को मंजूरी

पंजाब सरकार ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए प्राइवेट डिजिटल ओपन यूनिवर्सिटीज़ पॉलिसी को मंजूरी दे दी है।

👤 Saurabh 19 Jan 2026 08:10 PM

पंजाब सरकार ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा और अहम फैसला लिया है। राज्य सरकार ने “पंजाब प्राइवेट डिजिटल ओपन यूनिवर्सिटीज़ पॉलिसी” को मंजूरी दे दी है। इस नीति के तहत अब निजी संस्थानों को ऑनलाइन और डिजिटल माध्यम से यूनिवर्सिटी चलाने की अनुमति मिल जाएगी। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि छात्र घर बैठे ही डिग्री कोर्स पूरा कर सकेंगे।

पंजाब इस मामले में केरल के बाद दूसरा राज्य बन गया है, जिसने निजी क्षेत्र को डिजिटल शिक्षा में भागीदारी की इजाजत दी है।

क्या है डिजिटल ओपन यूनिवर्सिटी का उद्देश्य?

उच्च शिक्षा विभाग की प्रशासनिक सचिव अनिंदिता मित्रा ने बताया कि इस नीति का मुख्य उद्देश्य डिजिटल, ऑनलाइन, डिस्टेंस और ओपन मोड के जरिए उच्च शिक्षा को बढ़ावा देना है। इसके साथ ही टेक्नोलॉजी की मदद से रिसर्च और इनोवेशन को भी प्रोत्साहित किया जाएगा।

इस मॉडल में इंटरनेट और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर शिक्षक और छात्र के बीच की दूरी को खत्म किया जाएगा।

कौन-कौन से कोर्स होंगे उपलब्ध?

डिजिटल ओपन यूनिवर्सिटी के तहत छात्र

स्नातक (UG)

स्नातकोत्तर (PG)

प्रोफेशनल कोर्स

कर सकेंगे। पढ़ाई पूरी तरह ऑनलाइन क्लास, डिजिटल परीक्षा, वर्चुअल लैब, और अन्य टेक्नोलॉजी आधारित टूल्स के जरिए होगी। इससे उन छात्रों को भी फायदा मिलेगा, जो किसी वजह से कॉलेज या यूनिवर्सिटी नहीं जा सकते।

निजी संस्थानों के लिए क्या शर्तें होंगी?

इस नीति के तहत डिजिटल यूनिवर्सिटी खोलने के लिए निजी संस्थानों को कुछ जरूरी शर्तें पूरी करनी होंगी।

ऑनलाइन शिक्षा के क्षेत्र में कम से कम 5 साल का अनुभव

20 करोड़ रुपये का कॉर्पस फंड

आवेदन के साथ 5 लाख रुपये की प्रोसेसिंग फीस

मंजूरी मिलने के बाद सरकार को 20 लाख रुपये अतिरिक्त शुल्क देना होगा

इन शर्तों का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि केवल भरोसेमंद और सक्षम संस्थान ही इस क्षेत्र में आएं।

पंजाब के छात्रों के हितों की सुरक्षा

सरकार ने यह भी साफ किया है कि डिजिटल यूनिवर्सिटी में कम से कम 15 फीसदी सीटें पंजाब के मूल निवासियों के लिए आरक्षित रहेंगी। इसके अलावा यदि कोई निजी यूनिवर्सिटी UGC या अन्य नियमों का उल्लंघन करती है, तो सरकार उस पर 25 लाख रुपये तक का जुर्माना लगा सकती है।

कैंपस होगा, लेकिन क्लास नहीं

डिजिटल यूनिवर्सिटी का एक फिजिकल कैंपस जरूर होगा, लेकिन उसका इस्तेमाल केवल प्रशासनिक कामों के लिए किया जाएगा। कैंपस में किसी तरह की नियमित कक्षाएं नहीं चलेंगी। पूरी पढ़ाई ऑनलाइन माध्यम से ही होगी।

शिक्षा में नई शुरुआत

पंजाब सरकार का यह कदम डिजिटल शिक्षा को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है। इससे न सिर्फ छात्रों को घर बैठे पढ़ाई का मौका मिलेगा, बल्कि राज्य में उच्च शिक्षा का दायरा भी काफी बढ़ेगा।