Logo

2027 विधानसभा चुनाव के लिए तलवीर सिंह गिल होंगे उम्मीदवार

आम आदमी पार्टी ने 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों के लिए मजीठा सीट से तलवीर सिंह गिल को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मजीठा में विकास कार्यों के उद्घाटन के दौरान इस नाम का ऐलान किया।

👤 Saurabh 19 Jan 2026 08:34 PM

आम आदमी पार्टी ने 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों को लेकर बड़ी राजनीतिक चाल चली है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने रविवार को मजीठा विधानसभा सीट से तलवीर सिंह गिल को पार्टी का उम्मीदवार घोषित किया। मजीठा लंबे समय से अकाली दल का गढ़ माना जाता रहा है और यहां से बिक्रम सिंह मजीठिया का परिवार राजनीति में प्रभावी रहा है।

मुख्यमंत्री भगवंत मान मजीठा में 11.32 करोड़ रुपये की लागत से 23 लिंक सड़कों के पुनर्निर्माण कार्य का उद्घाटन करने पहुंचे थे। इसी कार्यक्रम के दौरान उन्होंने मंच से तलवीर सिंह गिल के नाम का ऐलान किया। मंच पर सीएम मान के भाषण के दौरान तलवीर गिल उनके साथ खड़े नजर आए।

बिक्रम मजीठिया के करीबी रहे हैं तलवीर गिल

तलवीर सिंह गिल कभी बिक्रम सिंह मजीठिया के करीबी सहयोगी माने जाते थे। मौजूदा समय में बिक्रम मजीठिया आय से अधिक संपत्ति मामले में पटियाला की नाभा जेल में बंद हैं। इसी राजनीतिक माहौल को देखते हुए AAP ने मजीठा से गिल को मैदान में उतारा है।

गौरतलब है कि बिक्रम मजीठिया तीन बार इस सीट से विधायक रह चुके हैं, जबकि उनकी पत्नी गनीव कौर मजीठिया 2022 के विधानसभा चुनाव में यहां से चुनी गई थीं।

2022 में हार, 2024 में AAP में एंट्री

तलवीर सिंह गिल ने 2022 का विधानसभा चुनाव अमृतसर (दक्षिण) से शिरोमणि अकाली दल के टिकट पर लड़ा था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद उनके और बिक्रम मजीठिया के रिश्ते बिगड़ गए।

लोकसभा चुनाव 2024 से पहले, मई 2024 में तलवीर गिल ने आम आदमी पार्टी जॉइन कर ली। पार्टी ने उन्हें तुरंत मजीठा हलके का इंचार्ज भी नियुक्त कर दिया।

CM मान का अकाली दल पर तीखा हमला

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने भाषण में अकाली दल और बिक्रम मजीठिया पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और अकाली सरकारों के दौरान मजीठा इलाके में डर और आतंक का माहौल था, जहां लोग खुलकर बोलने से डरते थे। मान ने कहा कि अब यह डर पूरी तरह खत्म हो चुका है।

इतिहास का हवाला देकर दी चेतावनी

सीएम मान ने इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि मजीठा वही इलाका है, जहां जलियांवाला बाग हत्याकांड (1919) वाले दिन जनरल डायर को डिनर पर बुलाया गया था। उन्होंने कहा कि अगर अकाली दल फिर सत्ता में आया, तो पंजाब को फिर से अंधेरे दौर में धकेल दिया जाएगा।

SGPC और अकाली नेतृत्व पर भी निशाना

मुख्यमंत्री ने SGPC अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी पर भी तंज कसते हुए कहा कि वह खुद को सुखबीर सिंह बादल का सिपाही समझते हैं, न कि गुरु गोबिंद सिंह का। उन्होंने कहा कि अकाली दल और SGPC की गलतियों की वजह से ही सरकार को गुरु ग्रंथ साहिब के 328 लापता सरूपों की जांच के लिए SIT बनानी पड़ी।

मजीठा की सियासत में नया मोड़

AAP द्वारा तलवीर सिंह गिल को उम्मीदवार बनाए जाने से मजीठा की राजनीति में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। अब देखना होगा कि 2027 के चुनाव में यह फैसला कितना असरदार साबित होता है।