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अब नो 'आर्मी लुक': फाजिल्का में मिलिट्री वर्दी और वाहन पर बैन, आदेश हुआ लागू

पंजाब के फाजिल्का जिला प्रशासन ने सुरक्षा को लेकर बड़ा फैसला लेते हुए कई अहम पाबंदियां लागू कर दी हैं. जिला मजिस्ट्रेट अमरप्रीत कौर संधू ने विभिन्न अधिकारों का प्रयोग करते हुए ये आदेश जारी किए हैं,

👤 Golu Dwivedi 01 Jul 2025 01:52 PM

पंजाब के फाजिल्का जिला प्रशासन ने सुरक्षा को लेकर बड़ा फैसला लेते हुए कई अहम पाबंदियां लागू कर दी हैं. जिला मजिस्ट्रेट अमरप्रीत कौर संधू ने विभिन्न अधिकारों का प्रयोग करते हुए ये आदेश जारी किए हैं, जो आगामी 31 अगस्त 2025 तक प्रभावी रहेंगे. इन आदेशों का उल्लंघन करने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है.

इन प्रतिबंधों का उद्देश्य जिले की सीमाओं को सुरक्षित बनाना और अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाना है. खास तौर पर सीमावर्ती इलाकों में बढ़ती संवेदनशीलता के मद्देनज़र यह कदम उठाए गए हैं.

पतले प्लास्टिक थैलों पर पूर्ण प्रतिबंध

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अब 50 माइक्रोन से कम मोटाई, 8x13 साइज से छोटे और निर्धारित रंग के बिना प्लास्टिक बैग्स का निर्माण और उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा. पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है.

सीमा क्षेत्र में शाम से सुबह तक आवाजाही पर रोक

फाजिल्का जिले की सीमा से सटे गांवों और बी.पी.ओ. (बॉर्डर पोस्ट) क्षेत्रों में शाम 6 बजे से सुबह 8 बजे तक आम जनता की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है. यह कदम सीमा सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए उठाया गया है.

कंटीली तार और मिलिट्री समान पर भी रोक

जिला प्रशासन ने कोबरा/कंटीली तारों की खरीद, बिक्री और इस्तेमाल पर पूरी तरह पाबंदी लगाई है. इसके अलावा, मिलिट्री रंग की वर्दी और वाहन अब आम नागरिक ना खरीद सकेंगे, ना बेच सकेंगे और ना ही उपयोग कर सकेंगे. इससे असामाजिक तत्वों द्वारा इन वस्तुओं के दुरुपयोग को रोका जा सकेगा.

उप-जेल क्षेत्र बना 'नो ड्रोन ज़ोन'

फाजिल्का उप-जेल के 500 वर्ग मीटर दायरे को ‘नो ड्रोन ज़ोन’ घोषित किया गया है. कोई भी व्यक्ति या संस्था इस क्षेत्र में ड्रोन उड़ाने की अनुमति के बिना प्रवेश नहीं कर सकेगी. यह निर्णय जेल परिसर की सुरक्षा को देखते हुए लिया गया है. प्रशासन ने दोहराया है कि ये आदेश जनहित और सुरक्षा के लिए लागू किए गए हैं और इनका पालन सुनिश्चित किया जाएगा. किसी भी तरह की ढिलाई या उल्लंघन करने वालों पर भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत कार्रवाई होगी.