आज चंडीगढ़ नगर निगम में मेयर पद के लिए चुनाव होने जा रहा है. इसके साथ ही सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के पद के लिए भी वोटिंग होगी. कुल 35 पार्षदों वाले निगम सदन में मुकाबला काफी रोमांचक माना जा रहा है. बीजेपी के पास सबसे ज्यादा 18 वोट हैं, आम आदमी पार्टी (AAP) के पास 11 और कांग्रेस के पास छह वोट हैं. इसके अलावा कांग्रेस के पास सांसद मनीष तिवारी का एक वोट भी है, जिससे उनके कुल वोट सात हो जाते हैं.
बीजेपी की तरफ से सौरभ जोशी, AAP की ओर से योगेश ढींगरा और कांग्रेस से गुरप्रीत सिंह गाबी चुनाव मैदान में हैं.
इस बार चुनाव बैलेट पेपर के बजाय हाथ उठाकर होगा. मतदान निगम के एम्ब्ली हॉल में सुबह 11 बजे शुरू होगा और 10:45 बजे तक प्रवेश बंद कर दिया जाएगा. विशेषज्ञों के मुताबिक यह बदलाव पारदर्शिता बढ़ाने और वोटिंग प्रक्रिया को तेज करने में मदद करेगा.
मेयर पद जीतने के लिए किसी भी उम्मीदवार को 19 वोट हासिल करने होंगे. बीजेपी के पास 18 वोट हैं, यानी उसे बस एक और वोट की जरूरत है. अगर कांग्रेस और आप एकजुट होते हैं, तो मुकाबला काफी कठिन और कांटे का हो सकता है.
पिछले कुछ दिनों में कई AAP पार्षद बीजेपी नेताओं के संपर्क में देखे गए हैं. ऐसे में कहा जा रहा है कि क्रॉस वोटिंग का असर विपक्ष के लिए परेशानी खड़ी कर सकता है. गणित के हिसाब से बीजेपी को सिर्फ एक वोट चाहिए, जबकि AAP और कांग्रेस को जीत के लिए पूरी ताकत जुटानी होगी.
मेयर चुनाव को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है. डिप्टी कमिश्नर निशांत कुमार यादव ने नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर सुरक्षा और चुनावी तैयारियों की समीक्षा की. हॉल में भीड़ और संभावित हंगामे को देखते हुए पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं.
इस बार का चुनाव न सिर्फ राजनीतिक बल्कि रणनीतिक मोर्चे पर भी दिलचस्प माना जा रहा है. मतगणना के दौरान हर पार्टी के समर्थकों की नजरें रिजल्ट पर टिकी रहेंगी. विशेषज्ञों के अनुसार चुनाव का नतीजा क्रॉस वोटिंग और पार्षदों की रणनीति पर निर्भर करेगा.
चंडीगढ़ नगर निगम का यह मेयर चुनाव राजनीतिक गलियारों में काफी चर्चा का विषय बना हुआ है. आज के नतीजे न सिर्फ मेयर पद पर असर डालेंगे, बल्कि शहर की राजनीतिक दिशा और अगली स्थानीय नीतियों को भी प्रभावित करेंगे.