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World Blood Donor Day 2025 : कब और कैसे हुई इस दिन की शुरुआत, कौन हैं इसके पीछे के असली हीरो, जानें सबकुछ

World Blood Donor Day 2025 : एक ऐसा दिन, जब अनजाने नायक सामने आते हैं- जो बिना किसी पहचान या इनाम के, सिर्फ एक थैली खून देकर किसी की जिंदगी बचा जाते हैं. 14 जून को मनाया जाता है वही खास दिन, पर क्या आप जानते हैं कि इस तारीख के पीछे एक वैज्ञानिक की खोज और एक गहरा इतिहास छिपा है?

👤 Samachaar Desk 14 Jun 2025 09:15 AM

World Blood Donor Day 2025 : क्या आपने कभी सोचा है कि एक छोटा-सा कदम- जैसे कि खून दान- किसी की पूरी जिंदगी बदल सकता है? 14 जून को ‘वर्लड दिवस’ उन्हीं गुमनाम हीरोज को सलाम करता है, जो बिना किसी अपेक्षा के किसी अनजान इंसान की जिंदगी बचाने का संकल्प लेते हैं.

ये दिन सिर्फ एक तारीख नहीं है, बल्कि ये मानवता की उस भावना का उत्सव है, जो दूसरों के लिए निस्वार्थ योगदान देने को प्रेरित करती है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा घोषित ये दिन हर साल रक्तदाताओं के सम्मान में मनाया जाता है.

शुरुआत कब और क्यों हुई?

साल 2004 में WHO ने अन्य दो अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के साथ मिलकर इस दिवस की शुरुआत की थी. 14 जून को चुना गया क्योंकि इस दिन ही डॉ. कार्ल लैंडस्टीनर का जन्म हुआ था- वो महान वैज्ञानिक जिन्होंने ब्लड ग्रुप सिस्टम (A, B, AB, O) की खोज की थी. उनके इस अमूल्य योगदान के लिए उन्हें 1930 में नोबेल पुरस्कार भी मिला था.

2025 की थीम

इस साल की थीम सिर्फ एक संदेश नहीं, बल्कि एक आंदोलन है- जो कहती है कि आपका एक छोटा योगदान किसी की सबसे बड़ी जरूरत पूरी कर सकता है. रक्त की एक थैली किसी व्यक्ति, थैलेसीमिया पेशेंट या कैंसर से जूझ रहे मरीज के लिए जीवनरेखा बन सकती है.

आंकड़ों में देखें तो कितना अहम है रक्तदान

ग्लोबल लेवल पर हर साल 11 करोड़ से ज्यादा रक्तदान किए जाते हैं. लगभग 13,300 रक्त केंद्र दुनिया भर में सक्रिय हैं. भारत में भी समय-समय पर बड़े स्तर पर रक्तदान अभियान चलाए जाते हैं.

भारतीय सेना का उदाहरण

24 दिसंबर 2022 को, भारतीय सेना ने 75वें सेना दिवस की पूर्व संध्या पर एक विशाल रक्तदान अभियान चलाया था. ये अभियान देश के 10 राज्यों में फैला हुआ था, जिसमें महाराष्ट्र, राजस्थान, गोवा, केरल, यूपी और तमिलनाडु जैसे राज्य शामिल थे. ये न सिर्फ सेना की मानवता के प्रति निष्ठा दिखाता है, बल्कि आम लोगों के लिए भी प्रेरणा बनता है.