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पाकिस्तान का मुनीर बना फील्ड मार्शल, असफलताओं को 'जीत' बताया

पाकिस्तान के मंत्रिमंडल ने मंगलवार को सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर को फील्ड मार्शल के पद पर पदोन्नत करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है।

👤 Saurabh 20 May 2025 08:59 PM

पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर को 20 मई 2025 को फील्ड मार्शल के पद पर पदोन्नति दी गई है। यह निर्णय प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया। इससे पहले, पाकिस्तान के इतिहास में यह रैंक केवल एक बार 1959 में जनरल अयूब खान को दी गई थी।

प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह कहा गया कि यह पदोन्नति “रणनीतिक सोच और बहादुर नेतृत्व” को सम्मान देने के लिए है—जिसने देश की सुरक्षा सुनिश्चित की और दुश्मनों को decisively हराया।

डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, फील्ड मार्शल रैंक मिलने पर जनरल असीम मुनीर ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे इस सम्मान के लिए ईश्वर के आभारी हैं। उन्होंने यह पदोन्नति पूरे पाकिस्तान, देश की सेनाओं, खासकर शहीदों और पूर्व सैनिकों को समर्पित की।

मुनीर ने आगे कहा, “मैं पाकिस्तान के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और कैबिनेट का तहे दिल से शुक्रिया अदा करता हूं, जिन्होंने मुझ पर विश्वास जताया।”

असीम मुनीर का सैन्य करियर

शुरुआत: जनरल मुनीर ने 1986 में पाकिस्तान सेना में कमीशन प्राप्त किया और 23वीं फ्रंटियर फोर्स रेजिमेंट में शामिल हुए।

यह पदोन्नति भारत द्वारा ऑपरेशन सिंदूर शुरू करने के कुछ ही हफ्ते बाद दी गई, जो 22 अप्रैल को पहलगाम हमले के जवाब में शुरू किया गया एक अहम आतंकवाद विरोधी अभियान था। इस ऑपरेशन में भारत ने पाकिस्तान की जमीन और हवाई क्षेत्र पर सटीक हमले किए, जिससे कई आतंकी ठिकाने नष्ट हुए और दर्जनों आतंकवादी मार गिराए गए।

हालांकि इस हमले ने पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था की कमजोरी को उजागर किया, फिर भी पाकिस्तान का नेतृत्व इसे "ऐतिहासिक जीत" बताने की कोशिश कर रहा है। जनरल असीम मुनीर की पदोन्नति को उनकी सैन्य स्थिति मजबूत करने और हाल की असफलताओं को छिपाने के तौर पर देखा जा रहा है।