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Bihar Politics: जन सुराज की करारी हार के बाद बेचैन प्रशांत किशोर… ‘नींद नहीं आई… लेकिन लड़ाई जारी रहेगी’

Bihar Politics 2025: बिहार चुनाव 2025 में करारी हार के बाद प्रशांत किशोर ने माना कि जन सुराज के नतीजों ने उनकी नींद उड़ा दी है. PK ने कहा कि यह लंबी लड़ाई है और वे पीछे हटने वाले नहीं. पढ़ें पूरी रिपोर्ट.

👤 Samachaar Desk 19 Nov 2025 02:16 PM

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में जन सुराज पार्टी को मिली भारी हार ने प्रशांत किशोर को गहरी चिंता में डाल दिया है. चुनावी रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर ने खुले तौर पर स्वीकार किया है कि यह परिणाम उनके लिए एक बड़ा झटका है. उनका कहना है कि नतीजों की घोषणा के बाद से वह ठीक से सो नहीं पाए हैं, क्योंकि पार्टी का प्रदर्शन उनकी उम्मीदों के बिल्कुल विपरीत रहा.

"हार से निराश हूं, लेकिन पीछे हटने वाला नहीं"

प्रशांत किशोर ने कहा कि वह जितना ईमानदारी से काम करते हैं, उतनी ही ईमानदारी से हार को भी स्वीकार करते हैं. उन्होंने कहा, “मैं झूठ नहीं बोलूंगा, नतीजे आने के बाद ठीक से नींद नहीं आई. लेकिन जब तक आप हार नहीं मानते, तब तक आप हारे नहीं हैं."

उन्होंने साफ किया कि उनकी राजनीति सिर्फ जीत-हार तक सीमित नहीं है. उनका लक्ष्य बिहार को बदलना है, और यह लड़ाई एक चुनाव से खत्म नहीं होती. वह आगे भी पूरी ताकत से मैदान में बने रहेंगे.

खाली हाथ क्यों रह गई जन सुराज?

बिहार चुनाव 2025 में जन सुराज ने पहली बार दमदार तरीके से प्रवेश किया. 243 सीटों में से 228 सीटों पर उम्मीदवार उतारकर पार्टी ने कहा कि वह बिहार की मुख्यधारा की राजनीति में जगह बनाने आई है. लेकिन इसके बावजूद परिणाम बेहद कमजोर रहे,

  • पार्टी एक भी सीट नहीं जीत सकी
  • कई उम्मीदवारों को उम्मीद से काफी कम वोट मिले
  • ग्रामीण इलाकों में कुछ जगह समर्थन मिला, लेकिन वह जीत में नहीं बदल पाया

प्रशांत किशोर ने NDTV से बातचीत में भी माना कि उम्मीदों को झटका लगा है, लेकिन उनका कहना था कि यह उनके सफर की सिर्फ शुरुआत है.

PK ने क्यों नहीं लड़ा चुनाव?

चुनाव से पहले चर्चाएं थीं कि प्रशांत किशोर खुद मैदान में उतरेंगे. यह भी कहा जा रहा था कि वह या तो करहगर से लड़ेंगे या तेजस्वी यादव को सीधी चुनौती देंगे लेकिन PK ने चुनाव न लड़कर संगठन पर फोकस करने का फैसला लिया. उनका मानना था कि पार्टी को मजबूत बनाना चुनाव लड़ने से ज्यादा जरूरी था.

कितने वोट मिले जन सुराज को?

जन सुराज को कुल 16.74 लाख वोट मिले. वोट प्रतिशत लगभग 3.34% रहा, जिसे एक नई पार्टी के लिए खराब नहीं माना जाता. प्रशांत किशोर का कहना है, “हमें वोट न मिलना कोई अपराध नहीं है. हमने जाति या धर्म की राजनीति नहीं की, आगे भी नहीं करेंगे."

बिहार छोड़ने की अफवाहों पर भी दिया जवाब

कुछ राजनीतिक हलकों में अफवाह थी कि हार के बाद PK बिहार छोड़ सकते हैं. लेकिन उन्होंने साफ कहा, “मैं बिहार से जाने वाला नहीं हूं. जन सुराज का काम रुकेगा नहीं." जन सुराज की पहली चुनावी परीक्षा भले ही असफल रही हो, लेकिन प्रशांत किशोर पीछे हटने को तैयार नहीं हैं. उनका फोकस चुनावी नतीजों से ज्यादा बिहार में बड़ा बदलाव लाने पर है. आने वाले चुनावों में PK और जन सुराज क्या नया कर पाते हैं, यह बिहार की राजनीति में देखने लायक होगा.