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क्या है ये कंप्यूटर विजन सिंड्रोम, जानें इसके मेन लक्षण?

कंप्यूटर विज़न सिंड्रोम (CVS) लंबे समय तक स्क्रीन देखने से आंखों, सिर, गर्दन और कंधों में थकान और जलन पैदा करता है. ब्रेक लेना, दूरी बनाए रखना और आंखों का व्यायाम जरूरी है.

👤 Samachaar Desk 15 Feb 2026 02:34 PM

आज के समय में हमारी जिंदगी डिजिटल डिवाइसों पर काफी निर्भर हो गई है. कंप्यूटर, लैपटॉप, टैबलेट और मोबाइल स्क्रीन पर लंबे समय तक काम करना या मनोरंजन करना आम बात हो गई है. लेकिन लगातार स्क्रीन देखने से हमारी आंखें जल्दी थक जाती हैं और इससे कई बार गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं भी हो सकती हैं. नेत्र विशेषज्ञ इसे कंप्यूटर विजन सिंड्रोम (CVS) कहते हैं.

कंप्यूटर विजन सिंड्रोम क्या है?

कंप्यूटर विजन सिंड्रोम, जिसे डिजिटल आंख थकान भी कहा जाता है, तब होता है जब आंखों की मांसपेशियां लंबे समय तक लगातार स्क्रीन पर काम करने के कारण थक जाती हैं. इसका असर सिर्फ आंखों तक ही नहीं बल्कि सिर, गर्दन और कंधों तक भी पहुंचता है.

मेन लक्षण

आंखों में जलन या खुजली चीजें धुंधली दिखाई देना सिरदर्द या माथे में दर्द आंखों का लाल होना गले और कंधों में खिंचाव

विशेषज्ञ बताते हैं कि ये समस्या केवल वयस्कों तक सीमित नहीं है. मोबाइल और टैबलेट पर लंबे समय तक पढ़ाई या गेम खेलने वाले बच्चों में भी CVS के लक्षण तेजी से दिखाई देने लगे हैं.

आंखों के लिए यह कितनी हानिकारक है?

लगातार स्क्रीन देखने से आंखों की मांसपेशियां थक जाती हैं और ब्लिंक रेट यानी आंखें पलक झपकाने की गति कम हो जाती है. इससे आंखें सूख जाती हैं और जलन बढ़ती है. अगर इसे नजरअंदाज किया जाए तो लंबे समय में दृष्टि पर भी असर पड़ सकता है.

सिर्फ आंखों की ही नहीं, सिरदर्द, गर्दन और कंधों में दर्द जैसी समस्याएं भी बढ़ सकती हैं। इसलिए डिजिटल युग में आंखों की देखभाल बेहद जरूरी है.

आंखों की थकान कम करने के उपाय

1. 20-20-20 नियम अपनाएं: हर 20 मिनट में 20 सेकंड के लिए 20 फीट दूर किसी चीज को देखें. इससे आंखों की मांसपेशियां रिलैक्स होती हैं.

2. स्क्रीन की दूरी बनाए रखें: कंप्यूटर या लैपटॉप स्क्रीन को आंखों से लगभग 50–70 सेंटीमीटर दूर रखें.

3. रोशनी और स्क्रीन चमक संतुलित करें: अत्यधिक चमक या बहुत कम रोशनी दोनों ही आंखों को थका सकती हैं.

4. आंखों को आराम दें: समय-समय पर आंखें घुमाएं, ऊपर-नीचे देखें या बंद करके आराम दें.

5. कृत्रिम आंख की बूंदें: डॉक्टर की सलाह से इस्तेमाल करें, ताकि आंखों की सूखापन और जलन कम हो.

डॉक्टर क्या कहते हैं

नेत्र विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल डिवाइस का समय सीमित करना बेहद जरूरी है. बच्चों और युवाओं में स्क्रीन टाइम कम करना उनकी आंखों और मानसिक स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है.

ऑफिस में काम करने वाले लोगों को नियमित ब्रेक लेने और आंखों के व्यायाम करने की सलाह दी जाती है. डिजिटल युग में आंखों की देखभाल को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है. इसलिए, चाहे आप पढ़ाई कर रहे हों, काम कर रहे हों या मनोरंजन के लिए स्क्रीन देख रहे हों, समय-समय पर आंखों को आराम देना और सावधानी बरतना जरूरी है.