क्या आपके किचन में भी रोज सनफ्लावर या सोयाबीन ऑयल का इस्तेमाल होता है? अगर हां, तो आपको सावधान हो जाना चाहिए. जिन तेलों को हम ‘हार्ट हेल्दी’ समझकर रोज इस्तेमाल करते हैं, वही हमारी सेहत के सबसे बड़े दुश्मन बन सकते हैं. सीड ऑयल्स यानी बीजों से निकाले गए तेल जैसे सनफ्लावर, कैनोला, सोयाबीन और कॉर्न ऑयल, धीरे-धीरे हमारे शरीर में जहर की तरह असर करते हैं. एकस्पर्ट की माने तो ये तेल हमारे दिल, दिमाग और आंतरिक अंगों को नुकसान पहुंचाकर कैंसर, हार्ट अटैक, मोटापा और डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारियों को जन्म देते हैं.
एक्सपर्ट के अनुसार, ये सीड ऑयल वास्तव में रियल फूड नहीं हैं. इन्हें फैक्ट्री में हाई हीट, केमिकल और प्रेशर से निकाला जाता है, जिससे इनका केमिकल स्ट्रक्चर खराब हो जाता है. ऐसे तेल ऑक्सिडाइज होकर शरीर में फ्री रेडिकल्स पैदा करते हैं, जो सेल डैमेज और सूजन का कारण बनते हैं.
इन ऑक्सिडाइज्ड तेलों के कारण शरीर में क्रॉनिक इंफ्लामेशन बढ़ जाती है. इसका सीधा असर दिल की बीमारियों, कैंसर, मोटापा, और मधुमेह जैसे रोगों पर पड़ता है. इन तेलों में ओमेगा-6 फैटी एसिड, विशेषकर लिनोलिक एसिड अधिक होता है, जो शरीर के ओमेगा-3 संतुलन को बिगाड़ देता है और गुड कोलेस्ट्रॉल को भी नुकसान पहुंचा सकता है.
कुछ सीड ऑयल में ट्रांस फैट की मात्रा काफी अधिक होती है, जिससे हार्ट अटैक और कैंसर का खतरा कई गुना बढ़ जाता है. रेस्तरां में इन्हीं तेलों को बार-बार गरम करके इस्तेमाल किया जाता है, जिससे उसमें टॉक्सिक एल्डिहाइड जैसे रसायन बनते हैं, जो शरीर के लिए बेहद ज़हरीले होते हैं.
डॉक्टरों की सलाह है कि आप खाना पकाने के लिए कोल्ड-प्रेस्ड या मिनिमल प्रोसेस्ड तेलों का इस्तेमाल करें. साथ ही, ओमेगा-6 और ओमेगा-3 का संतुलन बनाए रखें, ताकि शरीर में सूजन न बढ़े और आप लंबी अवधि में स्वस्थ रह सकें.
(Disclaimer: यह स्टोरी सामान्य जानकारियों पर आधारित है. किसी भी तरह की स्वास्थ्य समस्या में विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें.)