Bahraich Tiger Sighting: उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के महसी तहसील के रेहुआ मंसूर गांव में बाघ की मौजूदगी की पुष्टि हुई है. पिछले कुछ दिनों से गांव में मवेशियों पर हमले हो रहे थे, जिससे ग्रामीणों में डर का माहौल बन गया था. दो दिन पहले एक मवेशी को बाघ ने शिकार बना लिया था, जिसके बाद वन विभाग ने तुरंत निगरानी शुरू की.
वन विभाग ने बाघ की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ड्रोन कैमरों का इस्तेमाल किया. गुरुवार को बाघ गन्ने के खेत में आराम करता हुआ दिखाई दिया. इस दौरान वीडियो और तस्वीरों में बाघ साफ दिखा, जिससे इसकी मौजूदगी की पुष्टि हुई. ड्रोन कैमरों से मिली जानकारी के बाद वन विभाग की टीम पूरी तरह से सतर्क हो गई है.
बाघ को पकड़ने के लिए लखीमपुर और बहराइच की वन विभाग टीम लगातार काम कर रही है. टीम ने पिंजरा और जाल लगाकर बाघ को पकड़ने की कोशिशें शुरू कर दी हैं, लेकिन बाघ लगातार अपना इलाका बदल रहा है. शुक्रवार सुबह गांव के खेत में बाघ घूमते हुए देखा गया, जिसका वीडियो ग्रामीणों ने बनाया. इस घटना ने गांव के लोगों में और चिंता बढ़ा दी है.
बाघ को सुरक्षित तरीके से पकड़ने के लिए दुधवा नेशनल पार्क और कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग की टीमें मौके पर हैं. इसके अलावा वन्य चिकित्सक, रेंज अधिकारी और क्षेत्राधिकारी भी निगरानी में शामिल हैं. बाघ को ट्रेंकुलाइज करने और किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचाने के लिए टीम पूरी तरह सक्रिय है.
वन विभाग ग्रामीणों को बाघ से सावधान रहने की लगातार चेतावनी दे रहा है. गांव वालों को खेतों और जंगलों में अकेले जाने से रोक दिया गया है. साथ ही, ग्रामीणों को बताया जा रहा है कि बाघ को परेशान न किया जाए और किसी भी तरह की अप्रिय घटना की सूचना तुरंत वन विभाग को दी जाए.
प्रभागीय वनाधिकारी सुंदरेसा ने बताया कि ड्रोन कैमरे में बाघ झाड़ियों में बैठे हुए दिखा. कैमरे में बाघ की तस्वीरें मिलने के बाद टीम अलर्ट हो गई है और जाल लगाए जा रहे हैं. वन विभाग की टीम लगातार बाघ की गतिविधियों पर नजर रख रही है, ताकि उसे सुरक्षित तरीके से पकड़ा जा सके और गांव की सुरक्षा सुनिश्चित हो.