Logo

ऑनलाइन सट्टेबाजी पर सरकार की सख्ती, हजारों वेबसाइट्स पर कार्रवाई

केंद्र सरकार ने अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुआ वेबसाइटों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 242 लिंक ब्लॉक किए हैं।

👤 Saurabh 16 Jan 2026 07:18 PM

केंद्र सरकार ने ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुआ वेबसाइटों के खिलाफ बड़ा एक्शन लिया है। हालिया कार्रवाई में सरकार ने ऐसे 242 लिंक ब्लॉक कर दिए हैं, जो अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़े थे। सूत्रों के मुताबिक, अब तक सरकार 7,800 से ज्यादा अवैध सट्टेबाजी और जुआ वेबसाइट्स को बंद करा चुकी है। यह कदम खासतौर पर युवाओं को ऑनलाइन ठगी, जुए की लत और आर्थिक नुकसान से बचाने के लिए उठाया गया है।

ऑनलाइन गेमिंग एक्ट के बाद तेज हुई कार्रवाई

सरकार द्वारा ऑनलाइन गेमिंग एक्ट पास किए जाने के बाद इस तरह की कार्रवाइयों में तेजी आई है। शुक्रवार को की गई ताजा कार्रवाई का मकसद अवैध ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर लगाम लगाना और समाज पर पड़ने वाले बुरे असर को रोकना है। सरकार का कहना है कि ऐसे प्लेटफॉर्म न सिर्फ कानून का उल्लंघन करते हैं, बल्कि परिवारों और युवाओं के भविष्य को भी खतरे में डालते हैं।

ईडी की सख्त कार्रवाई, करोड़ों की संपत्ति जब्त

पिछले एक साल में जांच एजेंसियों, खासकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने ऑनलाइन बेटिंग ऐप्स के खिलाफ कई बड़ी कार्रवाइयां की हैं। बीते साल इंदौर डब्बा ट्रेडिंग केस में ईडी ने करीब 34 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति अस्थायी तौर पर अटैच की थी। यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत की गई थी।

इस मामले में जिन लोगों की संपत्तियां जब्त हुईं, उनमें विशाल अग्निहोत्री, तरुण श्रीवास्तव, हितेश अग्रवाल, धर्मेश त्रिवेदी, श्रीनिवासन रामासामी, करण सोलंकी, धवल जैन और उनके परिवार के सदस्य शामिल थे।

Parimatch पर छापेमारी, 110 करोड़ रुपये फ्रीज

इसके अलावा, ईडी की मुंबई टीम ने गैरकानूनी ऑनलाइन बेटिंग प्लेटफॉर्म Parimatch के खिलाफ भी बड़ा एक्शन लिया। मुंबई, दिल्ली, नोएडा, जयपुर, सूरत, मदुरै, कानपुर और हैदराबाद समेत 17 जगहों पर छापेमारी की गई।

इस दौरान करीब 110 करोड़ रुपये अलग-अलग बैंक खातों में फ्रीज किए गए। ये खाते ‘म्यूल अकाउंट’ के रूप में इस्तेमाल हो रहे थे, यानी दूसरों के पैसे रखने और इधर-उधर घुमाने के लिए बनाए गए फर्जी खाते। साथ ही कई अहम दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस भी जब्त किए गए।

युवाओं की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता

सरकार का साफ कहना है कि अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी के खिलाफ यह मुहिम आगे भी जारी रहेगी। मकसद है युवाओं को सुरक्षित रखना और देश को आर्थिक व सामाजिक नुकसान से बचाना।