पिछले महीने पहलगाम में हुए आतंकी हमले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और देश के सभी मुख्यमंत्रियों ने शनिवार को दिल्ली में आयोजित नीति आयोग की बैठक के दौरान एकजुट होकर निंदा की. इस दौरान पाकिस्तान और पीओके में आतंकी लॉन्चपैड्स को ध्वस्त करने के उद्देश्य से चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर को भी सर्वसम्मति से समर्थन मिला.
नीति आयोग के सीईओ बीवीआर सुब्रमण्यम ने बताया कि इस अभियान पर सभी राज्यों के नेताओं के बीच पूरी एकता देखने को मिली. उन्होंने इसे 22 अप्रैल के जघन्य आतंकी हमले का करारा जवाब और राष्ट्रीय एकजुटता का प्रतीक बताया. खास बात यह रही कि राजनीतिक मतभेदों को दरकिनार करते हुए सभी दलों ने एक स्वर में राष्ट्रीय सुरक्षा के समर्थन में आवाज़ बुलंद की.
प्रधानमंत्री मोदी ने बैठक के दौरान कहा कि ऑपरेशन सिंदूर केवल एक सैन्य कार्रवाई नहीं है, बल्कि यह भारत की सामाजिक शक्ति और एकजुटता की तस्वीर पेश करता है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इसे एक बार की पहल के तौर पर न देखा जाए, बल्कि लंबी अवधि की रणनीति के तहत आगे भी ऐसे कदम जरूरी हैं.
प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने राज्यों से सिविल डिफेंस (नागरिक सुरक्षा) को आधुनिक बनाने और हालिया मॉक ड्रिल्स के आधार पर नागरिक सुरक्षा उपायों को संस्थागत रूप देने की अपील की.
बैठक में मौजूद सभी मुख्यमंत्री और उपराज्यपालों ने ऑपरेशन सिंदूर की सटीक रणनीति और सफल हमलों की सराहना की, जिनमें आतंकी ठिकानों को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया. सभी नेताओं ने एक स्वर में प्रधानमंत्री मोदी की नेतृत्व क्षमता, सशस्त्र बलों की वीरता और भारत की रक्षा क्षमताओं में आत्मनिर्भरता (आत्मनिर्भरता) की दिशा में हुए प्रयासों की भी खुलकर प्रशंसा की.