पाकिस्तान के सिंध प्रांत में राजनीतिक हालात फिर उबलते नजर आ रहे हैं. बेनजीर भुट्टो की बेटी और PPP सांसद असीफा भुट्टो जरदारी के काफिले पर उस वक्त हमला हो गया जब वे कराची से नवाबशाह की ओर जा रही थीं. मामला गंभीर तब हो गया जब यह हमला न सिर्फ सड़कों पर हुआ बल्कि सरकार की विवादित नीतियों के खिलाफ जनता का उबलता गुस्सा खुलकर सामने आया.
घटना जमशोरो टोल प्लाज़ा के पास की है, जहां असीफा का काफिला पहुंचा ही था कि दर्जनों प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर उसे घेर लिया. प्रदर्शनकारियों ने लाठी-डंडों से गाड़ियों पर हमला कर दिया और नहर परियोजना व कॉर्पोरेट खेती के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी. कुछ समय के लिए हाईवे पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया.
जमशोरो और हैदराबाद पुलिस, साथ ही असीफा की निजी सुरक्षा टीम ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया. SSP ज़फर सिद्दीक़ ने कहा कि काफिला एक मिनट से भी कम समय के लिए रुका और किसी को कोई शारीरिक चोट नहीं पहुंची. हमला करने वालों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है और अब तक कई लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है।
प्रदर्शनकारियों का गुस्सा सिंध सरकार की दो नीतियों को लेकर है – एक, विवादित नहर परियोजना जो हजारों लोगों को विस्थापित कर सकती है, और दूसरी, कृषि भूमि को कॉर्पोरेट कंपनियों को सौंपने की योजना. दोनों योजनाएं ग्रामीणों और किसानों के हितों के खिलाफ मानी जा रही हैं. इसी के विरोध में जनता ने असीफा के काफिले को निशाना बनाया.
बेनजीर भुट्टो और आसिफ अली जरदारी की बेटी
PPP की सक्रिय सदस्य
ब्रिटेन से पढ़ाई की
उनके भाई बिलावल भुट्टो पार्टी चेयरमैन हैं
हाल के दिनों में कई जनसभाओं में नजर आई हैं
यह हमला केवल एक राजनीतिक परिवार पर गुस्से का इज़हार नहीं है, बल्कि यह उस व्यापक आक्रोश की झलक है जो पाकिस्तान की आम जनता में पल रहा है. सिंध में जमीन और जल से जुड़े मुद्दे एक बार फिर सरकार और जनता के बीच टकराव का कारण बन रहे हैं.