पंजाब में गुरु ग्रंथ साहिब के कथित तौर पर लापता ‘सरूपों’ को लेकर चल रहे विवाद पर अब सरकार ने बड़ा बयान दिया है। पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बंगा स्थित रसोकहाना श्री नभ कंवल राजा साहिब की प्रबंधक कमेटी को पूरी तरह से क्लीन चिट दे दी है। उन्होंने साफ कहा कि वहां रखे गए गुरु ग्रंथ साहिब के सरूपों के रिकॉर्ड में किसी तरह की कोई गड़बड़ी नहीं पाई गई है।
सोमवार को वित्त मंत्री हरपाल चीमा, कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस और आनंदपुर साहिब से सांसद मालविंदर सिंह के साथ रसोकहाना पहुंचे। यहां उन्होंने कमेटी के सदस्यों से मुलाकात की और रिकॉर्ड की जांच की। जांच के बाद चीमा ने कहा कि रसोकहाना में सभी सरूप सुरक्षित हैं और रिकॉर्ड पूरी तरह सही है।
गौरतलब है कि इससे पहले मुख्यमंत्री द्वारा 169 सरूपों के लापता होने का बयान सामने आया था, जिसके बाद राज्य की राजनीति में हड़कंप मच गया था। विपक्षी दलों ने इस बयान को लेकर सरकार पर जमकर निशाना साधा था। अब वित्त मंत्री चीमा ने इस पूरे मामले को लेकर सफाई दी है।
हरपाल चीमा ने कहा कि इस पूरे मामले में एसआईटी (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) की ओर से जानकारी देने में कुछ “मिसकम्युनिकेशन” हो सकता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री खुद भी जल्द ही रसोकहाना का दौरा करेंगे और स्थिति को करीब से देखेंगे।
वित्त मंत्री ने कहा कि लंबे समय से 328 पवित्र सरूपों के लापता होने की बात सामने आ रही है, जिससे ‘संगत’ में चिंता और बेचैनी है। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा साफ है कि सभी पवित्र सरूप सुरक्षित रहें और सही हाथों में रहें। इसी उद्देश्य से जांच करवाई गई थी।
चीमा ने स्पष्ट किया कि न तो पहले और न ही अब रसोकहाना की प्रबंधक कमेटी के खिलाफ कोई मामला दर्ज है। जांच में यह भी सामने आया कि यहां किसी तरह की अनियमितता नहीं हुई है।
इस दौरान बंगा से विधायक डॉ. सुखविंदर सुखी के इस्तीफे को लेकर भी सवाल उठे। इस पर चीमा ने कहा कि डॉ. सुखी अपने पिता की गंभीर तबीयत के कारण बैठक में शामिल नहीं हो सके। उनके पिता वेंटिलेटर पर हैं और वह जल्द उनके घर जाकर हालचाल जानेंगे। उन्होंने कहा कि डॉ. सुखी की पद पर वापसी को लेकर बाद में विचार किया जाएगा।