पटियाला के सरकारी राजिन्द्रा अस्पताल और मेडिकल कॉलेज समेत पंजाब के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टरों की हड़ताल अब खत्म हो गई है। इसके साथ ही ओपीडी (बाह्य रोगी विभाग) और बाकी मेडिकल सेवाएं भी फिर से शुरू कर दी गई हैं।
एमबीबीएस इंटर्न और रेजिडेंट डॉक्टर 50 दिनों से हड़ताल पर थे। उन्होंने सरकार से वजीफे (स्टाइपेंड), वेतन बढ़ाने और 20 लाख रुपये के बांड नियम को हटाने की मांग की थी। सोमवार शाम को सरकार और डॉक्टरों की एक लंबी बैठक हुई, जिसमें पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह और वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा भी शामिल थे।
बैठक के बाद सरकार ने डॉक्टरों की मांगे मान लीं:
एमबीबीएस इंटर्न का मासिक वजीफा ₹15,000 से बढ़ाकर ₹22,000 किया गया।
जूनियर रेजिडेंट को पहले साल में ₹76,000 और तीसरे साल तक ₹78,000 मिलेगा।
सीनियर रेजिडेंट का वेतन भी बढ़ा दिया गया – पहले साल में ₹92,000 और तीसरे साल तक ₹94,000 मिलेगा।
20 लाख रुपये के बांड और मेडिकल फीस में बढ़ोतरी की समीक्षा के लिए एक कमेटी बनाई जाएगी।
हड़ताल के दौरान डॉक्टरों ने गेट मीटिंग, ओपीडी बंद और ऑपरेशन स्थगित जैसे कदम उठाए थे। इससे गरीब और दूर-दराज़ के मरीज़ों को काफी परेशानी हुई थी। कई मरीज़ों ने अस्पताल में हंगामा भी किया और डॉक्टरों से इलाज की गुहार लगाई।
पटियाला रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. रमनदीप सिंह ने कहा, "सरकार ने हमारी मांगें सुनीं और समाधान निकाला, इसलिए हमने 1 जुलाई से सभी सेवाएं दोबारा शुरू कर दी हैं।"
डॉक्टरों ने सरकार को धन्यवाद दिया और इसे स्वास्थ्य सेवा को मज़बूत करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम बताया।