पंजाब सरकार ने व्यापारियों की समस्याओं को सीधे सुनने और उनका जल्द समाधान निकालने के लिए बड़ा कदम उठाया है. राज्य के सभी जिलों में 10 और 11 फरवरी को विशेष शिविर लगाए जाएंगे, जहां व्यापारी अपनी स्थानीय शिकायतें और अन्य मुद्दे रख सकेंगे. इन शिविरों का मकसद है कि जो समस्याएं मौके पर ही सुलझाई जा सकती हैं, उनका तुरंत निपटारा हो.
इन विशेष शिविरों में जिला व्यापार समितियों के अध्यक्ष मौजूद रहेंगे. वे व्यापारियों की बातें सुनेंगे और समस्याओं को गंभीरता से दर्ज करेंगे. जिन मामलों का समाधान जिला स्तर पर संभव होगा, उन्हें वहीं निपटाया जाएगा, ताकि व्यापारियों को दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें और उनका समय व मेहनत दोनों बचें.
यह अहम फैसला बुधवार को पंजाब भवन में हुई पंजाब राज्य व्यापारी आयोग (PSTC) की उच्च स्तरीय बैठक में लिया गया. बैठक की अध्यक्षता वित्त, आबकारी और कर मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने की. बैठक का उद्देश्य व्यापारी समुदाय के साथ संवाद को मजबूत करना, शिकायत निवारण प्रणाली को प्रभावी बनाना और जिला स्तर पर तकनीकी क्षमता बढ़ाना रहा.
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने जिला व्यापार समिति के अध्यक्षों को निर्देश दिए कि वे अपने क्षेत्रों में व्यापारियों से नियमित संपर्क बनाए रखें और जमीनी समस्याओं की जानकारी लें. उन्होंने कहा कि विशेष शिविरों में सामने आने वाले मुद्दों को व्यवस्थित रूप से दस्तावेज में दर्ज किया जाए और जिन मामलों में उच्च स्तर की कार्रवाई जरूरी हो, उन्हें तुरंत पंजाब राज्य व्यापारी आयोग को भेजा जाए.
मंत्री ने बताया कि सरकार एक मजबूत तीन-स्तरीय व्यवस्था तैयार कर रही है, जो व्यापारी समुदाय को सीधे प्रशासन से जोड़ेगी. इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि राज्य के हर व्यापारी तक समय पर मदद पहुंचे और उनकी शिकायतों पर बिना देरी कार्रवाई हो.
बैठक में PSTC के उपाध्यक्ष अनिल ठाकुर, वित्तीय आयुक्त कराधान अजीत बालाजी जोशी और कराधान आयुक्त जतिंदर जोरवाल भी शामिल हुए. अधिकारियों ने जीएसटी फाइलिंग से जुड़े अहम तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी. इसका उद्देश्य जिला व्यापार समितियों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाना है, ताकि वे व्यापारियों को नियमों के पालन में बेहतर मार्गदर्शन दे सकें.
अंत में वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार पारदर्शी और व्यापार-अनुकूल वातावरण बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है. जिला स्तर पर सीधी पहुंच और राज्य स्तर पर मजबूत नीतियों के जरिए सरकार व्यापारियों की हर समस्या सुनने और समय पर समाधान सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है.