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पंजाब में आज ‘सत्ता का घेराव’! 21 विधायक, 6 मंत्री और CM आवास के बाहर किसान-मजदूरों का बड़ा धरना

Punjab Farmer Protest: किसान मजदूर मोर्चा के आह्वान पर पंजाब में आज राज्यव्यापी धरना-प्रदर्शन किया जा रहा है. शंभू–खनौरी आंदोलन में हुए नुकसान के मुआवजे, एमएसपी की कानूनी गारंटी, कर्ज माफी और अन्य मांगों को लेकर 21 विधायकों, 6 मंत्रियों और मुख्यमंत्री आवास के बाहर शांतिपूर्ण धरने दिए जाएंगे.

👤 Ashwani Kumar 05 Feb 2026 12:13 PM

किसान-मजदूर मोर्चा (केएमएम) ने अपनी मांगों को लेकर पंजाब में एक बार फिर सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है. केएमएम चैप्टर पंजाब के आह्वान पर आज पूरे राज्य में एक दिवसीय राज्यव्यापी धरना-प्रदर्शन किया जा रहा है. इस आंदोलन के तहत किसान, मजदूर और आम लोग 21 विधायकों, छह मंत्रियों और मुख्यमंत्री के आवासों के बाहर शांतिपूर्ण धरने देंगे. मोर्चे का कहना है कि यह विरोध प्रदर्शन किसानों और मजदूरों से जुड़े लंबे समय से लंबित मुद्दों को सरकार के सामने मजबूती से रखने के लिए किया जा रहा है.

शंभू-खनौरी आंदोलन का जिक्र

केएमएम नेताओं सरवन सिंह पंधेर और सतनाम सिंह पन्नू ने बताया कि शंभू–खनौरी आंदोलन के दौरान किसानों और मजदूरों को भारी आर्थिक और सामाजिक नुकसान झेलना पड़ा. कई लोगों की फसलें बर्बाद हुईं, काम-धंधा ठप हो गया और रोजमर्रा की जिंदगी पर गहरा असर पड़ा. इसके बावजूद सरकार की ओर से अब तक पूरा मुआवजा नहीं दिया गया, जिससे प्रभावित परिवारों में गहरा रोष है.

मुआवजा, एमएसपी और कर्ज माफी की मांग

मोर्चे की प्रमुख मांगों में आंदोलन से हुए नुकसान के लिए 3.77 करोड़ रुपये का मुआवजा, न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को कानूनी गारंटी और किसानों-मजदूरों की संपूर्ण कर्ज माफी शामिल है. नेताओं का कहना है कि जब तक किसानों को उनकी फसल की सही कीमत और आर्थिक सुरक्षा नहीं मिलेगी, तब तक खेती संकट से बाहर नहीं आ सकती.

घायल और शहीद परिवारों के लिए न्याय

केएमएम ने आंदोलन में घायल किसानों और शहीद परिवारों को शेष मुआवजा और सरकारी नौकरी देने की मांग भी दोहराई. साथ ही, आंदोलन के दौरान कथित अत्याचार और सामान की चोरी में शामिल अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई.

बाढ़, बिजली और कृषि कानूनों पर विरोध

मोर्चे ने बाढ़ से हुए नुकसान का पूरा मुआवजा देने, बिजली संशोधन बिल 2025, बीज अधिनियम 2025 और फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से कृषि को बाहर रखने की मांग उठाई. इन मुद्दों पर चर्चा के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की भी मांग की गई है.

स्मार्ट मीटर, खाद संकट और नशे पर सख्ती

केएमएम ने स्मार्ट और प्री-पेड मीटर जबरन लगाने पर रोक, पराली से जुड़े मामलों में दर्ज केस और जुर्माने वापस लेने, यूरिया की किल्लत दूर करने और कालाबाजारी रोकने की मांग की. इसके अलावा नशे के खिलाफ बड़े माफिया, राजनीतिक संरक्षण और सीमा पार ड्रोन तस्करी पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई. मोर्चे ने केंद्रीय बजट को कॉरपोरेट-पक्षीय बताते हुए चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा.