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थानों में खड़ी 75 हजार गाड़ियां हटेंगी! पंजाब सरकार का 30 दिन का अल्टीमेटम, पुलिस महकमे में मचा हड़कंप

Punjab Police: पंजाब सरकार ने थानों, पुलिस यार्डों और नगर पालिकाओं की जमीनों पर खड़े जब्त वाहनों को लेकर बड़ा फैसला लिया है. स्थानीय सरकार मंत्री संजीव अरोड़ा ने आदेश जारी कर 30 दिनों के भीतर सभी जब्त वाहन हटाने के निर्देश दिए हैं.

👤 Ashwani Kumar 20 Jan 2026 11:31 AM

Punjab Police: पंजाब में पुलिस व्यवस्था से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है, जिसने पूरे प्रशासनिक तंत्र में हलचल पैदा कर दी है. राज्य सरकार ने थानों, पुलिस यार्डों और सड़कों पर लंबे समय से खड़े जब्त किए गए वाहनों को लेकर सख्त रुख अपनाया है. स्थानीय सरकार विभाग के मंत्री संजीव अरोड़ा ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि सभी थानों में खड़े जब्त वाहन 30 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से हटाए जाएं.

सरकार का मानना है कि थानों और पुलिस यार्डों में खड़े हजारों वाहन न सिर्फ जगह घेर रहे हैं, बल्कि पुलिस के रोजमर्रा के कामकाज में भी बाधा बन रहे हैं. कई जगहों पर तो हालात ऐसे हैं कि पुलिस कर्मियों और आम लोगों को आने-जाने में भी परेशानी का सामना करना पड़ता है.

नगर पालिकाओं की जमीन भी होगी खाली

सरकारी आदेशों के मुताबिक, सिर्फ थानों से ही नहीं बल्कि नगर निगम और नगर पालिकाओं की जमीनों पर खड़े जब्त वाहनों को भी तुरंत हटाया जाएगा. सरकार का कहना है कि इन वाहनों के कारण शहरों की सुंदरता प्रभावित हो रही है और सार्वजनिक स्थानों पर अव्यवस्था फैल रही है.

इन वाहनों को अब शहरों के बाहर तय किए गए सुरक्षित स्थानों पर भेजा जाएगा, ताकि शहरी इलाकों में भीड़ कम हो और जमीन का सही इस्तेमाल हो सके. इससे पार्किंग, सफाई और ट्रैफिक व्यवस्था में भी सुधार आने की उम्मीद जताई जा रही है.

75 हजार से ज्यादा वाहन बने सिरदर्द

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पंजाब के 424 थानों में इस समय 75 हजार से अधिक जब्त वाहन खड़े हैं. इनमें बड़ी संख्या उन वाहनों की है, जो सड़क हादसों, ट्रैफिक उल्लंघन, अवैध गतिविधियों या कानूनी मामलों से जुड़े हुए हैं. कई वाहन सालों से यूं ही खुले में पड़े हैं, जिनकी हालत अब पूरी तरह खराब हो चुकी है.

बारिश, धूप और समय के साथ ये वाहन जंग खा चुके हैं और कई तो कबाड़ में तब्दील हो गए हैं. इससे न सिर्फ सरकारी जमीन बर्बाद हो रही है, बल्कि पर्यावरण और साफ-सफाई पर भी बुरा असर पड़ रहा है.

पुलिस व्यवस्था होगी दुरुस्त

राज्य सरकार का कहना है कि इस फैसले का मकसद पुलिस व्यवस्था को ज्यादा व्यवस्थित और प्रभावी बनाना है. जब थानों में जगह खाली होगी तो पुलिस अपने काम पर बेहतर तरीके से ध्यान दे सकेगी. साथ ही, आम लोगों को भी थानों में आने-जाने में सुविधा होगी. सरकार ने यह भी संकेत दिए हैं कि आगे चलकर इन जब्त वाहनों के निपटारे के लिए नीलामी या कानूनी प्रक्रिया को और तेज किया जा सकता है, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने.

आम जनता को मिलेगी राहत

इस फैसले से आम लोगों को भी राहत मिलने की उम्मीद है. सड़कों और सार्वजनिक जगहों से पुराने और खराब वाहन हटने से ट्रैफिक जाम कम होगा और शहर ज्यादा साफ-सुथरे नजर आएंगे. सरकार का मानना है कि यह कदम शहरी प्रबंधन को बेहतर बनाने की दिशा में एक जरूरी पहल है.

कुल मिलाकर, पंजाब सरकार का यह फैसला न सिर्फ पुलिस प्रशासन को राहत देगा, बल्कि शहरों की तस्वीर बदलने में भी अहम भूमिका निभाएगा.