पंजाब में शुक्रवार रात को हिंसा और भय का माहौल कायम हो गया. मुक्तसर जिले के गिद्दड़बाड़ा में गांव कोटभाई के कोठे दशमेश नगर में दो गुटों के बीच जमीन में पक्का खाल बनाने को लेकर पुराने विवाद ने गंभीर रूप ले लिया. इसी झड़प में दो लोगों की मौत हो गई. मृतकों की पहचान बलजीत सिंह और निर्मल सिंह के रूप में हुई. दोनों को गंभीर स्थिति में अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, जमीन में पक्का खाल बनाने को लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले से तनाव था. पहले से मौजूद खाल को हटाकर नई खाल बनाने की कोशिश का एक पक्ष विरोध कर रहा था. इसी कारण विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों गुटों में हिंसक झड़प हुई. घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी. डीएसपी अरुण मुंडन ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी पहलुओं की छानबीन की जा रही है.
उधर, इसी दिन जालंधर में आम आदमी पार्टी के नेता लक्की ओबेरॉय की हत्या ने पूरे राज्य में हड़कंप मचा दिया. मॉडल टाउन के गुरुद्वारे के बाहर अज्ञात हमलावरों ने ओबेरॉय पर गोलियां चलाईं. घटना के समय वह अपने वाहन से गुरुद्वारे पहुंचे थे. पुलिस के अनुसार, हमलावरों ने कम से कम पांच गोलियां चलाई और घटनास्थल से फरार हो गए. ओबेरॉय को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन गंभीर रूप से घायल होने के कारण उनकी मौत हो गई.
दोनों ही मामलों में पुलिस ने सख्त जांच शुरू कर दी है. मुक्तसर में झड़प के कारणों का पता लगाया जा रहा है और जालंधर में हत्या के लिए सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों घटनाओं का मकसद शांतिपूर्ण माहौल को भंग करना और स्थानीय विवादों को हिंसक रूप देना है.
इन घटनाओं के बाद पूरे पंजाब में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. पुलिस और प्रशासन ने नागरिकों से शांति बनाए रखने की अपील की है. विशेषज्ञों का मानना है कि भूमि विवाद और राजनीतिक हिंसा जैसी घटनाएं स्थानीय स्तर पर तनाव को बढ़ाती हैं और इससे सामाजिक शांति पर गहरा असर पड़ता है.