आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के पंजाब दौरे के दौरान दिए गए बयानों पर कड़ी आपत्ति जताई है. उन्होंने कहा कि पंजाब की धरती पर खड़े होकर किए गए ये बयान न केवल तथ्यहीन हैं, बल्कि हरियाणा में भाजपा सरकार की विफलताओं और घोटालों से ध्यान हटाने की एक सुनियोजित कोशिश हैं.
अनुराग ढांडा ने कहा कि बाढ़, फसल नुकसान और मजदूरों की मदद जैसे संवेदनशील मामलों पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का रवैया बेहद गैर-जिम्मेदार रहा है. उन्होंने सवाल किया कि जो सरकार अपने राज्य में पीड़ित किसानों और मजदूरों को समय पर मुआवजा नहीं दे पाई, उसे दूसरे राज्यों को उपदेश देने का नैतिक अधिकार कैसे मिल सकता है.
AAP नेता ने मुख्यमंत्री के उस बयान का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने स्वीकार किया कि दिल्ली में भाजपा सरकार बनने के बाद मोहल्ला क्लीनिक बंद कर दिए गए. ढांडा ने कहा कि यह बयान खुद भाजपा की जनविरोधी सोच को उजागर करता है, जो सुविधाएं देने के बजाय उन्हें खत्म करने में विश्वास रखती है.
अनुराग ढांडा ने हरियाणा के श्रम विभाग में सामने आए करीब 1500 करोड़ रुपये के वर्क-स्लिप घोटाले का आरोप लगाते हुए कहा कि लाखों फर्जी पंजीकरण के जरिए सरकारी योजनाओं का पैसा निकाला गया. असली मजदूर आज भी अपने हक के लिए दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं, जबकि भ्रष्ट तंत्र को राजनीतिक संरक्षण मिला हुआ था.
उन्होंने कहा कि बीते 11 वर्षों में हरियाणा में 20 से ज्यादा बड़े घोटाले सामने आए हैं. अवैध खनन, पैडी प्रोक्योरमेंट में गड़बड़ी और भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं ने राज्य को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाया और युवाओं का भविष्य प्रभावित किया.
AAP नेता के मुताबिक 2014 के बाद हरियाणा पर कर्ज बढ़कर करीब 4 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है. इसके बावजूद न सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधरी, न अस्पतालों की और न ही किसानों या युवाओं को कोई ठोस राहत मिली.
अनुराग ढांडा ने कहा कि पंजाब में आम आदमी पार्टी सरकार ने बाढ़ के समय पारदर्शी व्यवस्था के तहत किसानों और पीड़ित परिवारों को सीधे आर्थिक मदद दी. अंत में उन्होंने श्रम, खनन, भर्ती और पैडी प्रोक्योरमेंट से जुड़े सभी घोटालों की निष्पक्ष जांच और राज्य के कर्ज पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की.
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