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नगर निगम चुनावों पर हाई कोर्ट का बड़ा एक्शन! पंजाब सरकार को तगड़ा झटका, 100 से ज्यादा चुनाव रुके

Punjab Municipal Elections: पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने वार्डबंदी विवाद को लेकर राज्य के 9 नगर निगमों और 100 से ज्यादा नगर परिषदों के चुनावों पर रोक लगा दी है. सरकार के जवाब न देने पर कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है.

👤 Ashwani Kumar 04 Feb 2026 12:22 PM

Nagar Nigam Chunav Punjab: पंजाब सरकार को नगर निगम और नगर परिषद चुनावों को लेकर हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने राज्य के 9 नगर निगमों और 100 से ज्यादा नगर परिषदों के चुनावों पर फिलहाल रोक लगा दी है. कोर्ट ने साफ कहा है कि जब तक सरकार वार्डबंदी को लेकर दाखिल की गई याचिकाओं का जवाब नहीं देती, तब तक चुनाव आगे नहीं बढ़ सकते.

सरकार ने नहीं दिया जवाब, कोर्ट नाराज़

हाई कोर्ट ने सुनवाई के दौरान पाया कि वार्डबंदी को चुनौती देने वाली कई याचिकाओं पर पहले ही नोटिस जारी किए जा चुके हैं, लेकिन पंजाब सरकार की ओर से अब तक कोई जवाब दाखिल नहीं किया गया. इस पर कोर्ट ने नाराज़गी जताई और कहा कि सरकार अदालत की प्रक्रिया को हल्के में ले रही है. इसी वजह से कोर्ट ने चुनाव प्रक्रिया पर रोक लगाने का फैसला लिया.

क्या है वार्डबंदी का विवाद?

याचिकाकर्ताओं का कहना है कि नई वार्डबंदी सही तरीके से नहीं की गई है. उनका आरोप है कि वार्डों की सीमाएं तय करते समय आबादी का ध्यान नहीं रखा गया और कुछ जगहों पर जानबूझकर बदलाव किए गए हैं. उनका कहना है कि यह सब राजनीतिक फायदे के लिए किया गया, जिससे आम लोगों के वोट की अहमियत कम हो गई.

किन शहरों में चुनाव रुके?

जिन नगर निगमों की वार्डबंदी को हाई कोर्ट में चुनौती दी गई है, उनमें बटाला, पठानकोट, कपूरथला, होशियारपुर, मोहाली, बठिंडा, अबोहर, मोगा और बरनाला शामिल हैं. इन सभी जगहों पर चुनाव अधिसूचना पर रोक लगा दी गई है. इसके अलावा, यह आदेश राज्य की 100 से ज्यादा नगर परिषदों पर भी लागू होगा.

चुनावी तैयारियों पर लगा ब्रेक

हाई कोर्ट के इस फैसले से पंजाब सरकार की स्थानीय निकाय चुनाव कराने की तैयारी पर पानी फिर गया है. प्रशासनिक तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी थीं, लेकिन कोर्ट की रोक के चलते अब चुनाव कराना संभव नहीं है. जब तक अदालत की तरफ से हरी झंडी नहीं मिलती, तब तक चुनाव प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ेगी.

अब आगे क्या होगा?

हाई कोर्ट ने बताया है कि इस मामले की अगली सुनवाई 18 फरवरी को होगी. उसी दिन तय होगा कि सरकार को कोई राहत मिलती है या फिर चुनावों पर लगी रोक जारी रहेगी. फिलहाल पूरे पंजाब में शहरी निकाय चुनाव रुके हुए हैं, जिसे राजनीतिक हलकों में सरकार के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है.