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6 साल की देरी पड़ी भारी! आंगनवाड़ी योजना में लापरवाही पर पंजाब सरकार ने 2 सीनियर IAS किए सस्पेंड

Punjab IAS Suspension: पंजाब सरकार ने सक्षम आंगनवाड़ी मिशन के तहत आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को स्मार्टफोन उपलब्ध कराने में छह साल की देरी के मामले में बड़ा कदम उठाया है. सरकार ने दो वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को निलंबित कर दिया है और प्रशासनिक फेरबदल भी किया गया है.

👤 Ashwani Kumar 09 Feb 2026 01:34 PM

पंजाब सरकार ने प्रशासनिक लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए दो वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को निलंबित कर दिया है. यह कार्रवाई केंद्र सरकार की सक्षम आंगनवाड़ी मिशन योजना के तहत आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को स्मार्टफोन उपलब्ध कराने में करीब छह साल की देरी को लेकर की गई है. सरकार के इस फैसले को प्रशासनिक जवाबदेही तय करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है.

किन अधिकारियों पर गिरी गाज

निलंबित किए गए अधिकारियों में कमल किशोर यादव और जसप्रीत सिंह शामिल हैं. कमल किशोर यादव वर्ष 2003 बैच के आईएएस अधिकारी हैं और उद्योग व वाणिज्य, निवेश प्रोत्साहन और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग में प्रशासनिक सचिव के पद पर कार्यरत थे. वहीं, 2014 बैच के आईएएस अधिकारी जसप्रीत सिंह पंजाब सूचना और संचार प्रौद्योगिकी निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक थे.

सरकारी आदेश के अनुसार दोनों अधिकारियों को अखिल भारतीय सेवा (अनुशासन एवं अपील) नियम, 1969 के तहत निलंबित किया गया है. निलंबन अवधि के दौरान उन्हें चंडीगढ़ में ही रहना होगा.

स्मार्टफोन वितरण में छह साल की देरी

सूत्रों के अनुसार, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने के लिए स्मार्टफोन देने की योजना वर्षो पहले स्वीकृत हो चुकी थी, लेकिन इसके क्रियान्वयन में गंभीर देरी हुई. इस देरी के कारण अदालत में याचिका भी दायर की गई थी, जिसके बाद सरकार पर कार्रवाई का दबाव बढ़ गया. माना जा रहा है कि इसी पृष्ठभूमि में यह सख्त फैसला लिया गया.

प्रशासनिक फेरबदल भी किया गया

दोनों अधिकारियों के निलंबन के बाद सरकार ने प्रशासनिक जिम्मेदारियों में बदलाव किया है. आईएएस अधिकारी गुरकीरत किरपाल सिंह को उद्योग, निवेश प्रोत्साहन और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े विभागों की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि कामकाज प्रभावित न हो.

पहले भी हो चुकी है कार्रवाई

यह पहली बार नहीं है जब आम आदमी पार्टी की सरकार ने वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाया हो. इससे पहले फरवरी 2025 में मुक्तसर के तत्कालीन उपायुक्त राजेश त्रिपाठी को भ्रष्टाचार की शिकायतों के बाद निलंबित किया गया था. वहीं अगस्त 2023 में भी आईएएस अधिकारी डी. के. तिवारी और गुरप्रीत सिंह खैरा पर कार्रवाई की जा चुकी है.

सरकार का संदेश साफ

इस कार्रवाई से साफ है कि पंजाब सरकार योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं करने के मूड में है. खासतौर पर महिलाओं और बच्चों से जुड़ी योजनाओं में देरी को गंभीरता से लिया जा रहा है. सरकार का यह कदम आने वाले समय में प्रशासनिक अनुशासन को और मजबूत करने वाला माना जा रहा है.