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विधायक के पति को कोर्ट ने सुनाई 2 साल की सजा! 3.5 करोड़ के चेक बाउंस केस में बड़ा फैसला

Punjab cheque bounce case: पंजाब के डेराबस्सी कोर्ट ने करोड़ों रुपये के चेक बाउंस मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए अनमोल गगन मान के पति शाहबाज सिंह सोही समेत तीन लोगों को दोषी ठहराया है।

👤 Ashwani Kumar 17 Mar 2026 11:43 AM

Punjab News: पंजाब से एक बड़ी कानूनी खबर सामने आई है. डेराबस्सी की अदालत ने करोड़ों रुपये के चेक बाउंस मामले में अहम फैसला सुनाते हुए अनमोल गगन मान के पति शाहबाज सिंह सोही समेत तीन लोगों को दोषी करार दिया है. अदालत ने तीनों आरोपियों को दो-दो साल की सजा सुनाई है, साथ ही 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है. यह मामला करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये के चेक बाउंस से जुड़ा हुआ है, जिसने लंबे समय से सुर्खियां बटोरी थीं.

सात साल बाद आया फैसला

यह मामला करीब सात साल तक अदालत में चला. अंततः ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास परनीत कौर की अदालत ने सभी पक्षों को सुनने के बाद यह फैसला सुनाया.

दोषियों में शाहबाज सिंह सोही (चंडीगढ़ निवासी), जतिंदर सिंह नोनी और नछत्तर सिंह शामिल हैं. हालांकि सजा सुनाए जाने के तुरंत बाद तीनों ने अदालत में ही जमानत राशि जमा करवा दी और उन्हें जमानत मिल गई.

क्या है पूरा मामला?

इस केस की शुरुआत साल 2018 में हुई थी, जब शिकायतकर्ता कमलजीत सिंह कामा ने अदालत में शिकायत दर्ज करवाई थी. कमलजीत सिंह, जीरकपुर के पूर्व सरपंच जसपाल सिंह के भाई हैं. आरोप के अनुसार ‘मेसर्स प्लेटिनम स्मार्ट बिल्डकॉन’ नाम की कंपनी के तीनों पार्टनरों ने राजपुरा में एक हाउसिंग प्रोजेक्ट के तहत प्लॉट बेचने का सौदा किया था. लेकिन सौदा पूरा न होने के बावजूद उन्होंने शिकायतकर्ता को करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये का चेक दिया, जो बाद में बाउंस हो गया.

शिकायतकर्ता को मिला न्याय

शिकायतकर्ता पक्ष के वकील भारत जोशी के अनुसार, लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने शिकायतकर्ता के पक्ष को मजबूत माना और उसी आधार पर यह फैसला सुनाया गया. वहीं कमलजीत सिंह कामा ने कहा कि आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से उनके साथ ठगी की थी. उन्होंने बताया कि इतने वर्षों की कानूनी लड़ाई के बाद अब उन्हें न्याय मिला है, जिससे उन्हें राहत महसूस हो रही है.

कानूनी कार्रवाई का सख्त संदेश

अदालत के इस निर्णय से यह साफ हो गया है कि आर्थिक धोखाधड़ी के मामलों में कानून सख्ती से कार्रवाई करता है और दोषियों को सजा मिलने में समय भले लगे, लेकिन न्याय जरूर मिलता है.