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आईपीएल की तर्ज पर शुरू होगी पंजाब क्रिकेट लीग, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने दी मंजूरी

पंजाब में खेल संस्कृति को मजबूत करने और युवाओं को खेलों से जोड़ने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आईपीएल की तर्ज पर पंजाब क्रिकेट लीग शुरू करने की मंजूरी दे दी है।

👤 Saurabh 10 Feb 2026 09:50 PM

पंजाब में खेलों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने और युवाओं को एक सकारात्मक दिशा देने की दिशा में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने एक अहम और दूरगामी फैसला लिया है। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की तर्ज पर पंजाब क्रिकेट लीग शुरू करने की मंजूरी देकर राज्य सरकार ने यह साफ संकेत दे दिया है कि आने वाले समय में पंजाब सिर्फ खेती और उद्योग ही नहीं, बल्कि खेल प्रतिभाओं का भी बड़ा केंद्र बनेगा। इस लीग का उद्देश्य केवल क्रिकेट टूर्नामेंट आयोजित करना नहीं है, बल्कि राज्य के हर कोने में छिपी प्रतिभाओं को मंच देना, उन्हें पहचान दिलाना और एक मजबूत खेल संस्कृति विकसित करना है।

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने खेल विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि चंडीगढ़ में खेल एवं युवा सेवा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विभिन्न अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि राज्य भर में खेल संस्कृति को कैसे और मजबूत किया जा सकता है तथा युवाओं को खेलों से जोड़कर एक स्वस्थ, अनुशासित और नशामुक्त समाज का निर्माण कैसे किया जाए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि खेल सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं हैं, बल्कि यह युवाओं के व्यक्तित्व निर्माण, मानसिक मजबूती और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को भी विकसित करते हैं।

पंजाब क्रिकेट लीग को आईपीएल की तर्ज पर आयोजित किया जाएगा, जिसमें टीमों का गठन जिला और भौगोलिक क्षेत्र के आधार पर होगा। इससे ग्रामीण और शहरी, दोनों क्षेत्रों के खिलाड़ियों को समान अवसर मिल सकेगा। यह लीग जिला स्तर से लेकर राज्य स्तर तक एक मजबूत नेटवर्क तैयार करेगी, जिससे खिलाड़ियों को निरंतर प्रतिस्पर्धा और आगे बढ़ने का मंच मिलेगा। सरकार का मानना है कि इस तरह की संरचना से न सिर्फ क्रिकेट को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि युवा खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का रास्ता भी मिलेगा।

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने यह भी कहा कि पंजाब क्रिकेट लीग का एक बड़ा उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रखना है। खेलों के माध्यम से युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाया जा सकता है। नियमित अभ्यास, अनुशासन और टीम भावना युवाओं को गलत आदतों से दूर रखती है। सरकार की सोच है कि जब युवाओं को खेलने के पर्याप्त अवसर मिलेंगे, तो वे मैदान की ओर रुख करेंगे, न कि नशे और अपराध की ओर।

सिर्फ क्रिकेट ही नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री ने अन्य खेलों को भी समान महत्व देने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वॉलीबॉल, फुटबॉल, हॉकी, बास्केटबॉल, खो-खो और कबड्डी जैसे पारंपरिक और लोकप्रिय खेलों के लिए भी जिला और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं का आयोजन नियमित रूप से किया जाए। इससे बहु-खेल संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा और हर खेल से जुड़े खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों से अपील की कि वे युवाओं को खेलों की ओर प्रोत्साहित करने में कोई कसर न छोड़ें। उन्होंने कहा कि एक स्वस्थ और तंदुरुस्त समाज की नींव खेल के मैदानों से ही पड़ती है। पंजाब सरकार खेल संस्कृति को पुनर्जीवित करने के लिए बुनियादी ढांचे, प्रशिक्षण सुविधाओं और प्रतियोगिताओं पर लगातार निवेश कर रही है।

कुल मिलाकर, पंजाब क्रिकेट लीग की शुरुआत राज्य के खेल इतिहास में एक नया अध्याय साबित हो सकती है। यह लीग न सिर्फ नए सितारों को जन्म देगी, बल्कि पंजाब की पहचान को एक खेल-प्रेमी और युवा-सशक्त राज्य के रूप में मजबूत करेगी। मुख्यमंत्री भगवंत मान का यह फैसला आने वाले वर्षों में पंजाब को खेलों के नक्शे पर एक मजबूत स्थान दिलाने की दिशा में मील का पत्थर माना जा रहा है।