ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव का असर अब आम लोगों पर भी दिखने लगा है। इसी कारण शारजाह अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा पर कई पंजाबी युवक और अन्य यात्री फंस गए हैं। उनकी उड़ानें अचानक रद्द कर दी गईं, जिससे वे एयरपोर्ट परिसर में ही रुकने को मजबूर हैं। जानकारी के अनुसार, यात्रियों को पहले बोर्डिंग पास जारी कर दिए गए थे। वे अपनी उड़ान का इंतजार कर रहे थे, लेकिन बाद में सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए संबंधित उड़ान रद्द कर दी गई। इस अचानक फैसले ने यात्रियों को असमंजस में डाल दिया।
फंसे हुए कई यात्रियों का कहना है कि वे लंबे समय से एयरपोर्ट पर ही ठहरे हुए हैं। कुछ लोगों का वीजा भी समाप्त हो चुका है, जिसके कारण वे एयरपोर्ट से बाहर नहीं जा पा रहे। ऐसी स्थिति में उनके सामने कानूनी और आर्थिक परेशानी खड़ी हो गई है।
यात्रियों का कहना है कि उन्हें खाने-पीने की पर्याप्त सुविधा नहीं मिल रही है। ठहरने के लिए भी कोई स्पष्ट व्यवस्था नहीं की गई है। परिवार से दूर फंसे लोग मानसिक रूप से भी काफी तनाव में हैं। अचानक उड़ान रद्द होने से कई लोगों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।
ईरान-इजरायल के बीच जारी तनाव के चलते कई उड़ानों का मार्ग बदला गया है या उन्हें रद्द कर दिया गया है। सुरक्षा कारणों से एयरलाइंस सतर्क हैं, लेकिन इसका सीधा असर आम यात्रियों पर पड़ रहा है। एयरपोर्ट पर मौजूद यात्रियों ने बताया कि उन्हें यह नहीं बताया जा रहा कि अगली उड़ान कब उपलब्ध होगी। इस अनिश्चितता ने उनकी चिंता और बढ़ा दी है। कई लोग अपने घर लौटने की जल्दी में थे, लेकिन मौजूदा हालात ने उनकी योजना बिगाड़ दी।
फंसे हुए यात्रियों ने केंद्र सरकार से अपील की है कि उनकी सुरक्षित वापसी के लिए जल्द से जल्द कदम उठाए जाएं। उनका कहना है कि सरकार और संबंधित दूतावास को इस मामले में हस्तक्षेप कर विशेष व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि सभी लोग सुरक्षित अपने देश लौट सकें। फिलहाल यात्री एयरपोर्ट परिसर में ही इंतजार कर रहे हैं और हालात सामान्य होने की उम्मीद कर रहे हैं। यह स्थिति दिखाती है कि अंतरराष्ट्रीय तनाव का असर सीधे आम नागरिकों के जीवन पर पड़ सकता है।