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हेड ग्रंथी पद से भी हटाने की साजिश, ज्ञानी रघबीर सिंह ने SGPC के खिलाफ हाईकोर्ट में लगाई गुहार

श्री हरिमंदिर साहिब के हेड ग्रंथी ज्ञानी रघबीर सिंह ने SGPC के खिलाफ पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि उन्हें SGPC की अंदरूनी राजनीति का शिकार बनाया जा रहा है और बिना सूचना व पक्ष जाने हेड ग्रंथी पद से हटाने की साजिश रची जा रही है।

👤 Saurabh 30 Jun 2025 06:25 PM

श्री अकाल तख्त साहिब के पूर्व जत्थेदार और फिलहाल श्री हरिमंदिर साहिब के हेड ग्रंथी ज्ञानी रघबीर सिंह ने SGPC (शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी) के खिलाफ पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि SGPC की अंदरूनी राजनीति के चलते उन्हें पहले जत्थेदार पद से हटाया गया और अब हेड ग्रंथी पद से भी हटाने की तैयारी चल रही है।

"कोई नोटिस नहीं, बिना सुने हटाने की कोशिश"

अपनी याचिका में ज्ञानी रघबीर सिंह ने कोर्ट को बताया कि SGPC बिना किसी पूर्व नोटिस और बिना उनका पक्ष सुने ही उन्हें पद से हटाने की योजना बना रही है। उन्होंने कोर्ट से मांग की है कि SGPC अध्यक्ष, सचिव और प्रबंधक को कोई भी पक्षपातपूर्ण कार्रवाई करने से रोका जाए।

कल होगी सुनवाई

इस मामले की सुनवाई 1 जुलाई 2025 को हाईकोर्ट में होगी। ज्ञानी रघबीर सिंह ने बताया कि 2 दिसंबर 2024 को उन्होंने श्री अकाल तख्त साहिब से आदेश जारी कर सुखबीर बादल को बेअदबी मामलों में नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पार्टी प्रमुख के पद से हटाने की सिफारिश की थी। इसके बाद SGPC ने उन्हें जत्थेदार पद से हटाकर मार्च 2025 में हेड ग्रंथी बना दिया।

“राजनीतिक साजिश का शिकार बनाया जा रहा”

ज्ञानी रघबीर सिंह का कहना है कि SGPC के कुछ गुट अब उन्हें फिर से निशाना बना रहे हैं और हेड ग्रंथी पद से भी हटाने की साजिश रच रहे हैं। उन्होंने कोर्ट से अपील की है कि उनके पद की गरिमा की रक्षा की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि वे SGPC की आंतरिक राजनीति का शिकार न बनें।