Punjab News: पंजाब के फगवाड़ा में गुरुवार को एक सनसनीखेज घटना हुई. गुरु नानकपुरा इलाके में रिटायर्ड पुलिस इंस्पेक्टर करमजीत सिंह संधू की सिर में गोली लगने से संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. घटना की जानकारी मिलने पर परिवार और पड़ोसियों में हड़कंप मच गया.
मृतक करमजीत सिंह संधू, पुत्र सरदार चरणजीत सिंह संधू, गुरु नानकपुरा फगवाड़ा के निवासी थे. परिवार के सदस्यों ने बताया कि अचानक कमरे से गोली चलने की आवाज सुनाई दी. अंदर जाकर देखा तो करमजीत सिंह खून से लथपथ पड़े थे. परिवार का कहना है कि उन्हें यह समझ नहीं आ रहा कि यह हादसा था या कोई और कारण.
करमजीत सिंह संधू ने लंबे समय तक फगवाड़ा पुलिस में सहायक सब-इंस्पेक्टर (ASI) के रूप में सेवा दी. इलाके के लोग उन्हें मिलनसार और सामाजिक कार्यों में सक्रिय व्यक्ति के रूप में जानते थे. पूर्व पार्षद और सीनियर अकाली नेता ठेकेदार बलजिंदर सिंह ने बताया कि वह गुरु नानकपुरा वेलफेयर सोसाइटी के प्रधान भी थे. उनकी मौत से पूरे इलाके में शोक और सदमा है.
डीएसपी फगवाड़ा भारत भूषण ने बताया कि पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया है. कमरे में कोई सुसाइड नोट या संदिग्ध दस्तावेज नहीं मिले हैं. परिवार और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है. फिलहाल यह तय नहीं है कि यह मौत खुदकुशी, हादसा या किसी अन्य कारण से हुई. पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी.
घटना के बाद गुरु नानकपुरा इलाके में लोग सदमे में हैं. कई लोग मानते हैं कि करमजीत सिंह हमेशा शांत, मिलनसार और सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहते थे, इसलिए उनकी अचानक मौत से सभी को झटका लगा है. पुलिस ने आश्वासन दिया है कि मामले की गहन जांच की जाएगी और सच्चाई जल्द सामने लाई जाएगी.