पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ भारतीय जनता पार्टी के नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती नजर आ रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उन्हें विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) से जुड़े एक पुराने मामले में समन जारी किया है। यह समन ईडी के जालंधर स्थित कार्यालय की ओर से भेजा गया है, जिसमें उन्हें 12 फरवरी 2026 को पेश होने का आदेश दिया गया है।
यह कार्रवाई ईडी द्वारा चल रही जांच के तहत की गई है। एजेंसी इस मामले में कई वर्षों से वित्तीय लेन-देन की पड़ताल कर रही है और अब इसी कड़ी में कैप्टन अमरिंदर सिंह को पूछताछ के लिए बुलाया गया है।
ईडी की ओर से जारी समन के मुताबिक, कैप्टन अमरिंदर सिंह को 12 फरवरी 2026 को जालंधर स्थित ईडी कार्यालय में पेश होना है। एजेंसी उनसे FEMA से जुड़े एक मामले में जानकारी हासिल करना चाहती है। यह मामला सीधे तौर पर विदेशी लेन-देन और वित्तीय लेन-देन से जुड़ा बताया जा रहा है।
सूत्रों का कहना है कि यह समन कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है और एजेंसी मामले से जुड़े सभी पहलुओं को स्पष्ट करना चाहती है।
समन मिलने के बाद कैप्टन अमरिंदर सिंह की ओर से ईडी को एक आवेदन भेजा गया है, जिसमें उन्होंने पेशी के लिए कुछ अतिरिक्त समय देने की मांग की है। उन्होंने अपनी खराब सेहत का हवाला दिया है।
बताया जा रहा है कि कैप्टन अमरिंदर सिंह इस समय मोहाली के एक निजी अस्पताल में भर्ती हैं, जहां उनका घुटने की समस्या का इलाज चल रहा है। डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार किया जा रहा है। इसी कारण उन्होंने फिलहाल ईडी के सामने पेश होने में असमर्थता जताई है।
अब ईडी उनके द्वारा भेजे गए मेडिकल दस्तावेजों की जांच करेगी और उसके बाद यह तय किया जाएगा कि पेशी की तारीख आगे बढ़ाई जाए या नहीं।
सूत्रों के अनुसार, यह मामला कैप्टन अमरिंदर सिंह के बेटे रणिंदर सिंह से जुड़े एक पुराने केस से संबंधित है। रणिंदर सिंह पर आरोप लगे थे कि उन्होंने विदेशों में कथित तौर पर फंड ट्रांसफर किए और ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड में ‘जैकरांडा ट्रस्ट’ नाम की संस्था बनाई।
इस मामले में पहले भी कई जांच एजेंसियां सक्रिय रही हैं। स्विट्जरलैंड से जुड़े कुछ वित्तीय लेन-देन की भी जांच की जा चुकी है। अब ईडी इसी मामले के तहत सभी संबंधित लोगों से जानकारी जुटा रही है।
कैप्टन अमरिंदर सिंह लंबे समय तक कांग्रेस पार्टी के बड़े नेताओं में शामिल रहे और दो बार पंजाब के मुख्यमंत्री रहे। साल 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने कांग्रेस छोड़कर अपनी नई पार्टी ‘पंजाब लोक कांग्रेस’ बनाई थी।
हालांकि, चुनाव में उनकी पार्टी को कोई खास सफलता नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया और फिलहाल वे भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं।
फिलहाल इस पूरे मामले पर न तो प्रवर्तन निदेशालय और न ही कैप्टन अमरिंदर सिंह की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने आया है। सूत्रों का कहना है कि ईडी कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई करेगी और जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति साफ होगी।
ईडी के इस समन के बाद पंजाब की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि ईडी कैप्टन अमरिंदर सिंह को कितनी राहत देती है और आगे जांच किस दिशा में बढ़ती है।