पंजाब सरकार ने मुख्यमंत्री सेहत बीमा योजना शुरू की है, जिससे लोगों को स्वास्थ्य सुरक्षा मिलेगी. पहले की योजनाओं में करीब 5 लाख रुपये तक का इलाज मिलता था, लेकिन हर परिवार इसमें शामिल नहीं था. अब प्रदेश का हर परिवार इस योजना का फायदा ले सकेगा. इसके लिए लगभग 65 लाख परिवारों का एक ही स्वास्थ्य कार्ड बनाया जाएगा, जिससे अस्पताल में पंजीकरण आसान होगा और इलाज में कोई देरी नहीं होगी.
इस योजना में अब 2356 हेल्थ पैकेज शामिल हैं, जबकि पहले सिर्फ 1600 पैकेज थे. योजना में 819 अस्पताल जुड़े हैं, जिनमें सरकारी और 600 निजी अस्पताल शामिल हैं. पंजीकरण होने के बाद मरीज इन अस्पतालों में तुरंत इलाज करवा सकता है.
स्वास्थ्य विभाग रोजाना हजारों कैंप लगा रहा है और 200-250 नए कैंप भी शुरू किए जाएंगे. सामान्य सेवा केंद्रों पर भी पंजीकरण हो सकता है. इसके लिए परिवार के सभी सदस्यों का विवरण और वोटर कार्ड की कॉपी जमा करनी होगी. ट्रांसजेंडर लोगों के लिए भी 50 पैकेज शामिल हैं.
योजना के लिए 1200 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है. विशेषज्ञों का कहना है कि योजना को सही से चलाने के लिए बजट और बढ़ाने की जरूरत है. बीमा कंपनी के साथ दो साल का करार किया गया है और इसका एक हिस्सा पहले ही जारी किया जा चुका है.
इस योजना से लोगों को गंभीर बीमारियों के इलाज में लाखों रुपये खर्च करने से राहत मिलेगी. ग्रामीण परिवार हर साल औसतन 7,374 रुपये और शहरी परिवार 6,963 रुपये इलाज पर खर्च करते हैं. मुख्यमंत्री भगवंत मान का कहना है कि योजना के तहत मरीज को अस्पताल में इलाज के लिए एक भी पैसा नहीं देना होगा.
विशेषज्ञ कहते हैं कि योजना उत्साहजनक है, लेकिन इसे सही तरीके से लागू करना जरूरी है. निजी अस्पतालों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करना आवश्यक है, अन्यथा अस्पताल इलाज नहीं कर पाएंगे.
यदि योजना के सभी नियम, भुगतान प्रक्रियाएं और अस्पताल नेटवर्क का बेहतर समन्वय किया गया, तो यह पंजाब की स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा बदलाव साबित होगी.