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चंडीगढ़ में SSP पद को लेकर बड़ा सस्पेंस! कार्यकाल खत्म, अब प्रधानमंत्री के फैसले पर टिकी सबकी नजर

Chandigarh SSP news: चंडीगढ़ में एसएसपी (लॉ एंड ऑर्डर) का तीन साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद अस्थायी रूप से नया प्रभार सौंप दिया गया है। मौजूदा एसएसपी ने एक साल के विस्तार के लिए आवेदन किया है, जिसे कई स्तरों पर मंजूरी मिल चुकी है।

👤 Ashwani Kumar 11 Mar 2026 01:32 PM

चंडीगढ़ में एसएसपी (लॉ एंड ऑर्डर) कंवरदीप कौर का तीन साल का कार्यकाल 8 मार्च 2026 को पूरा हो गया है। कार्यकाल समाप्त होने के बाद उनके अवकाश पर जाने से एसएसपी का अस्थायी प्रभार फिलहाल एसएसपी ट्रैफिक सुमेर प्रताप को सौंप दिया गया है। प्रशासनिक स्तर पर यह एक अस्थायी व्यवस्था मानी जा रही है, जब तक कि इस पद को लेकर अंतिम फैसला नहीं हो जाता। सूत्रों के अनुसार, मौजूदा एसएसपी ने अपने कार्यकाल को आगे बढ़ाने के लिए एक साल के विस्तार का आवेदन भी भेजा है।

विस्तार की फाइल पहुंची केंद्र सरकार तक

मिली जानकारी के अनुसार, एक साल के विस्तार के लिए भेजे गए आवेदन को कई स्तरों पर मंजूरी मिल चुकी है। पंजाब सरकार की ओर से इस पर एनओसी (No Objection Certificate) भी जारी कर दी गई है।

इसके साथ ही चंडीगढ़ के प्रशासक ने भी इस प्रस्ताव को अपनी सहमति दे दी है। गृह मंत्रालय के स्तर पर भी फाइल को हरी झंडी मिलने की बात सामने आई है। हालांकि अभी अंतिम फैसला बाकी है, क्योंकि यह मामला फिलहाल प्रधानमंत्री के पास विचाराधीन बताया जा रहा है।

यूटी कैडर एसएसपी की मांग फिर उठी

इसी बीच चंडीगढ़ में एसएसपी पद को लेकर एक पुरानी मांग फिर से चर्चा में आ गई है। कई प्रशासनिक हलकों में यह मांग लंबे समय से उठती रही है कि चंडीगढ़ जैसे केंद्र शासित प्रदेश में एसएसपी पद पर यूटी कैडर के अधिकारी की नियुक्ति की जानी चाहिए। इस संबंध में पहले भी गृह मंत्रालय को पत्र भेजकर कहा गया था कि यूटी कैडर अधिकारी की नियुक्ति से प्रशासनिक समन्वय बेहतर होगा।

डिस्टर्ब एरिया के दौर से चली आ रही व्यवस्था

इतिहास पर नजर डालें तो चंडीगढ़ में एसएसपी पद पर पंजाब कैडर के अधिकारियों की नियुक्ति एक खास दौर में शुरू हुई थी। आतंकवाद के समय चंडीगढ़ को डिस्टर्ब एरिया घोषित किया गया था। उस दौरान खालिस्तानी आतंकवाद से निपटने के लिए पहली बार पंजाब कैडर के आईपीएस अधिकारी सुमेध सिंह सैनी को चंडीगढ़ का एसएसपी नियुक्त किया गया था। इसके बाद भले ही डिस्टर्ब एरिया का टैग हट गया, लेकिन तब से लेकर अब तक इसी व्यवस्था को जारी रखा गया है।

अब प्रधानमंत्री के फैसले का इंतजार

वर्तमान समय में सबकी नजर केंद्र सरकार के अंतिम फैसले पर टिकी हुई है। यदि मंजूरी मिलती है तो मौजूदा एसएसपी को एक साल का विस्तार दिया जा सकता है। वहीं दूसरी संभावना यह भी है कि प्रशासन चंडीगढ़ में एसएसपी पद की नियुक्ति को लेकर नई व्यवस्था लागू करे।