पंजाब कांग्रेस में चल रहे अंदरूनी विवाद को लेकर आज दिल्ली में एक अहम बैठक होने जा रही है। कांग्रेस हाईकमान ने पंजाब के कई वरिष्ठ नेताओं को दिल्ली तलब किया है। पहले यह बैठक 23 जनवरी को प्रस्तावित थी, लेकिन अब इसे आगे बढ़ाकर आज आयोजित किया जा रहा है।
इस बैठक में कांग्रेस के बड़े नेता राहुल गांधी, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खर्गे और संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल से पंजाब कांग्रेस के नेता मुलाकात करेंगे।
इस अहम बैठक में पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वारिंग, नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, विजय इंदर सिंगला और वरिष्ठ नेता अंबिका सोनी को आमंत्रित किया गया है। इसके अलावा पंजाब कांग्रेस के प्रभारी भूपेश बघेल भी बैठक में मौजूद रहेंगे। बताया जा रहा है कि यह बैठक दिल्ली के इंदिरा हॉल में दोपहर 3 बजे होगी।
कांग्रेस हाईकमान की यह बैठक बेहद अहम मानी जा रही है क्योंकि पंजाब कांग्रेस इस समय गंभीर आंतरिक मतभेदों से जूझ रही है। खासकर जातिगत मुद्दों को लेकर पार्टी के भीतर तनाव बढ़ा हुआ है। 2027 के विधानसभा चुनावों को देखते हुए कांग्रेस नेतृत्व चाहता है कि समय रहते सभी मतभेद खत्म किए जाएं और संगठन को एकजुट किया जाए, ताकि चुनावी तैयारियों पर फोकस किया जा सके।
दरअसल, हाल ही में पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें उन्होंने दलित समुदाय को लेकर बयान दिया था। चन्नी ने कहा था कि पंजाब कांग्रेस में ज्यादातर बड़े पदों पर उच्च जाति के नेता हैं और दलितों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिल रहा है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जब पार्टी मानती है कि पंजाब में दलित आबादी करीब 32 प्रतिशत है, तो फिर उन्हें आगे क्यों नहीं लाया जा रहा।
चन्नी के इस बयान पर पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष राजा वारिंग ने कड़ा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि चन्नी यह भूल गए कि पार्टी ने सभी को दरकिनार कर उन्हें मुख्यमंत्री बनाया था। राजा वारिंग ने साफ किया कि दलित समुदाय कांग्रेस के लिए हमेशा सम्माननीय रहा है और अगर चन्नी का बयान अनजाने में आया है तो उन्हें माफी मांगनी चाहिए।
हालांकि, कांग्रेस नेता सार्वजनिक रूप से पार्टी की एकता का दावा करते रहे हैं। पिछले साल 2025 में चन्नी के आवास पर आयोजित कार्यक्रम में कई वरिष्ठ नेता एक मंच पर नजर आए थे और एकता का संदेश दिया गया था। लेकिन मौजूदा बयानबाजी ने फिर से दरार को उजागर कर दिया है।
इस विवाद के बीच भाजपा ने भी सियासी दांव खेला है। भाजपा नेता केवल सिंह ढिल्लों और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने खुले तौर पर चरणजीत सिंह चन्नी को भाजपा में शामिल होने का न्योता दिया है। इससे पंजाब की राजनीति में हलचल और तेज हो गई है।