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Love Marriage पर पंचायत का फरमान! शादी की तो गांव से बेदखल, परिवार का होगा सामाजिक बहिष्कार

Ban On Love Marriage: अमृतसर के गांव धारीवाल में पंचायत ने लव मैरिज पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी है. पंचायत के फैसले के मुताबिक, लव मैरिज करने वाले युवक-युवती को गांव से बाहर किया जाएगा और उनके परिवार का सामाजिक बहिष्कार होगा.

👤 Ashwani Kumar 10 Feb 2026 12:55 PM

Love Marriage Ban: पंजाब के अमृतसर जिले के गांव धारीवाल में पंचायत ने लव मैरिज को लेकर बेहद सख्त कदम उठाया है. गांव की सामाजिक व्यवस्था और शांति बनाए रखने के लिए पंचायत ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित करते हुए गांव की सीमा में लव मैरिज पर पूरी तरह रोक लगा दी है. पंचायत के इस फैसले के बाद इलाके में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है.

लव मैरिज करने वालों पर गांव से निकाला

पंचायत के फैसले के अनुसार, यदि गांव का कोई युवक या युवती आपसी सहमति से लव मैरिज करता है, तो उन्हें गांव से बाहर कर दिया जाएगा. इतना ही नहीं, ऐसे मामलों में संबंधित परिवार का भी सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा. पंचायत की ओर से मिलने वाली सरकारी या सामाजिक सुविधाएं भी पूरी तरह समाप्त कर दी जाएंगी. पंचायत ने साफ किया है कि इस नियम में किसी भी तरह की ढील नहीं दी जाएगी.

पहले बिगड़ा था गांव का माहौल

गांव के लोगों का कहना है कि इससे पहले भी धारीवाल में पांच से छह लव मैरिज के मामले सामने आ चुके हैं. इन घटनाओं के बाद गांव में आपसी झगड़े, रंजिश, मारपीट और धमकियों जैसी घटनाएं बढ़ीं. कई परिवारों को पुलिस थानों और अदालतों के चक्कर लगाने पड़े, जिससे गांव में लंबे समय तक तनाव का माहौल बना रहा.

सामाजिक सौहार्द बनाए रखना मकसद

गांव के सरपंच मुख्तार सिंह ने बताया कि पंचायत ने यह निर्णय गांव में शांति और सामाजिक संतुलन बनाए रखने के लिए लिया है. उन्होंने कहा कि अब लव मैरिज से जुड़े किसी भी मामले में न तो गांव का कोई व्यक्ति अदालत में गवाही देगा और न ही पुलिस थानों में जाकर जमानत कराएगा. ऐसे मामलों का समर्थन करने वालों पर भी पंचायत कार्रवाई करेगी.

पंचायत करेगी सख्त कार्रवाई

सरपंच ने यह भी स्पष्ट किया कि पंचायत समय-समय पर दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाएगी. यह फैसला किसी एक व्यक्ति या समूह के दबाव में नहीं, बल्कि गांव के धार्मिक, सामाजिक और राजनीतिक प्रतिनिधियों से विचार-विमर्श के बाद लिया गया है. पंचायत का दावा है कि इसका उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों को गलत दिशा में जाने से रोकना है.

फैसले पर छिड़ी बहस, पंचायत अडिग

पंचायत के इस फैसले को लेकर क्षेत्र में बहस छिड़ गई है. कुछ लोग इसे गांव की परंपराओं और अनुशासन से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि कई इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता का उल्लंघन बता रहे हैं. बावजूद इसके, फिलहाल धारीवाल पंचायत अपने फैसले पर अडिग है और गांव में सख्ती से पालन कराने की बात कह रही है.