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पंजाब में बाल विवाह के 58 मामलों पर समय रहते लगाम, चाइल्ड हेल्पलाइन बनी सहारा

पंजाब में पिछले 15 महीनों में बाल विवाह के 58 मामलों को समय रहते रोका गया है, जिनमें 55 मामले स्थानीय परिवारों से और 3 प्रवासी परिवारों से जुड़े थे।

👤 Saurabh 01 Jul 2025 05:34 PM

पंजाब में बीते 15 महीनों के दौरान बाल विवाह के 58 मामलों को समय रहते रोक लिया गया है। यह जानकारी राज्य के सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दी। विभाग के अनुसार, इन 58 मामलों में से 55 केस पंजाब के स्थानीय परिवारों से जुड़े थे, जबकि सिर्फ 3 मामले राज्य में बसे प्रवासी परिवारों के थे।

आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल जनवरी 2024 से दिसंबर 2024 के बीच बाल विवाह के 42 मामलों को रोका गया। वहीं, इस साल यानी जनवरी से मार्च 2025 के बीच 16 मामलों में बच्चों की शादी को समय रहते रोक दिया गया। यह साफ दर्शाता है कि हर महीने औसतन तीन से अधिक बाल विवाह के प्रयास किए जा रहे हैं।

बाल विवाह के प्रयासों में से एक मामला एक नाबालिग लड़के की शादी का था, जबकि बाकी सभी नाबालिग लड़कियों से जुड़ी शादियां थीं। चिंता की बात यह है कि इन लड़कियों की उम्र कम थी और जिनसे उनकी शादी तय की जा रही थी, वे उम्र में काफी बड़े थे।

विभाग ने बताया कि इन मामलों में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इसके साथ ही जागरूकता फैलाने और शिकायतों को गंभीरता से लेने के लिए एक अहम कदम के तहत राज्य में चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 24 घंटे चालू रखा गया है।

कोई भी नागरिक इस नंबर पर गोपनीय तरीके से बाल विवाह, बाल शोषण या उत्पीड़न की सूचना दे सकता है। इसके अलावा गांवों के सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूलों के प्रिंसिपल और बाल विकास परियोजना अधिकारी (CDPO) को भी बाल विवाह रोकथाम अधिकारी (CMPO) नियुक्त किया गया है, ताकि किसी भी शिकायत पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।

राज्य सरकार की कोशिश है कि पंजाब को बाल विवाह से मुक्त बनाया जाए और बच्चों को सुरक्षित और बेहतर भविष्य दिया जा स