कोलकाता के एक लॉ कॉलेज में पढ़ने वाली 24 वर्षीय छात्रा के साथ बलात्कार के मामले में आरोपी मोनोजीत मिश्रा को पुलिस ने दो अन्य युवकों के साथ गिरफ्तार कर लिया है। लेकिन इस घटना के बाद कॉलेज की एक और छात्रा ने बड़ा खुलासा किया है – उसने बताया कि आरोपी मिश्रा कॉलेज में एक “डर” का माहौल बनाकर रखता था, खासकर लड़कियों के लिए।
छात्रा ने मीडिया को बताया कि मिश्रा इतना डर पैदा करता था कि कई बार लड़कियां उसे टालने के लिए क्लास ही छोड़ देती थीं। उसने कहा कि मिश्रा छिपकर लड़कियों की फोटो खींचता था, फिर उनकी फोटो मॉर्फ करके व्हाट्सऐप ग्रुप्स में फैलाता था।
छात्रा ने आरोप लगाया कि मिश्रा पहले भी छात्राओं का यौन उत्पीड़न कर चुका है, लेकिन उसके खिलाफ कई बार शिकायतें दर्ज होने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। वजह – उसका “राजनीतिक प्रभाव”। मिश्रा पर 2019 में एक लड़की का यौन उत्पीड़न, कपड़े फाड़ने और कॉलेज में तोड़फोड़ जैसे आरोप भी हैं। 2024 में उसने एक सिक्योरिटी गार्ड को पीटा और कॉलेज की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया।
छात्रा ने बताया कि मिश्रा के माता-पिता ने भी उसे नकार दिया है। उसके पिता कालीघाट मंदिर में पुजारी हैं।
कोलकाता पुलिस की स्पेशल टीम ने बताया कि मिश्रा, प्रतीम मुखर्जी और जैद अहमद – तीनों आरोपियों ने मिलकर कई दिनों तक इस अपराध की योजना बनाई थी। पीड़िता को कॉलेज में दाखिले के पहले दिन से ही टारगेट किया जा रहा था।
एसआईटी (विशेष जांच टीम) की रिपोर्ट के मुताबिक, इन तीनों का इतिहास रहा है छात्राओं के यौन उत्पीड़न का। वे छात्राओं के साथ गलत हरकतें करते थे, उनके वीडियो बनाते थे और बाद में उन्हीं वीडियो से उन्हें ब्लैकमेल करते थे।
अब पुलिस इन आरोपियों के बनाए गए वीडियो की तलाश कर रही है। इस सिलसिले में रविवार को अहमद और मुखर्जी के घरों पर छापेमारी भी की गई।
यह मामला सिर्फ एक बलात्कार का नहीं है, बल्कि कॉलेज कैंपस में लंबे समय से चल रही डर और उत्पीड़न की एक गंभीर कहानी को उजागर करता है।