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Ola Uber Bus: दिल्ली में अब टैक्सी नहीं, निजी बसों से हल होगा ट्रैफिक, जानें क्या है प्लान?

Ola Uber Bus: दिल्ली सरकार ने ओला-उबर से निजी बस सेवाओं पर चर्चा की ताकि ट्रैफिक और प्रदूषण घटे. साथ ही, बिना पीयूसी सर्टिफिकेट वाले वाहनों पर ₹10,000 का चालान लगाने का फैसला किया गया.

👤 Samachaar Desk 22 Dec 2025 08:14 PM

Ola Uber Bus: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण बैठक में ओला और उबर जैसी कंपनियों के साथ दिल्ली-एनसीआर में उनकी निजी बस सेवाएं चलाने की संभावना पर चर्चा की. इस पहल का मेन उद्देश्य राजधानी में बढ़ते ट्रैफिक जाम और उससे होने वाले प्रदूषण को कम करना है.

बैठक में बताया गया कि दिल्ली-एनसीआर से बड़ी संख्या में लोग रोजाना टैक्सी या निजी वाहनों के जरिए अपने दफ्तरों तक पहुंचते हैं. इससे न सिर्फ सड़कों पर दबाव बढ़ता है बल्कि प्रदूषण का स्तर भी बढ़ता है. सरकार का मानना है कि अगर ओला और उबर जैसी कंपनियां निजी बस सेवाएं शुरू करती हैं, तो लोग साझा परिवहन का इस्तेमाल करेंगे और सड़कों पर वाहनों की संख्या घटेगी.

पीयूसी सर्टिफिकेट को लेकर सख्ती

बैठक में प्रदूषण नियंत्रण को लेकर भी महत्वपूर्ण फैसले लिए गए. सरकार ने साफ किया कि जिन वाहनों के पास पीयूसी (प्रदूषण नियंत्रण) सर्टिफिकेट नहीं होगा, उन पर सीधे ₹10,000 का चालान काटा जाएगा.

पहले आमतौर पर ऐसे मामलों में लोग लोक अदालत के जरिए मात्र ₹100 में चालान माफ करवा लेते थे. इससे पीयूसी बनवाने की गंभीरता खत्म हो जाती थी. अब सरकार की सख्ती का उद्देश्य लोगों को अनिवार्य रूप से पीयूसी सर्टिफिकेट बनवाने के लिए प्रेरित करना और दिल्ली में प्रदूषण को नियंत्रित करना है.

साझा परिवहन और प्रदूषण नियंत्रण का लक्ष्य

इस योजना और कड़े नियमों से सरकार का लक्ष्य साफ है. निजी बस सेवाओं के माध्यम से लोग साझा परिवहन की ओर बढ़ेंगे और ट्रैफिक कम होगा. वहीं, सख्त पीयूसी नियमों से प्रदूषण पर भी नियंत्रण रखा जाएगा. यह कदम दिल्ली में सफर को आसान और शहर के वातावरण को साफ रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है.