दिल्ली सरकार अब झुग्गी बस्तियों के लोगों को उजाड़ने के बजाय उन्हें सम्मानजनक और सुरक्षित मकान देने की दिशा में काम कर रही है। इसी के तहत मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि दिल्ली की 675 झुग्गी बस्तियों के पुनर्विकास के लिए मुंबई की धारावी मॉडल का अध्ययन किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश है कि जो लोग वर्षों से झुग्गियों में रह रहे हैं, उन्हें उचित मकान मिल सके। इस दिशा में योजनाएं तैयार की जा रही हैं, जिससे लोगों को सुव्यवस्थित ढंग से बसाया जा सके।
रेखा गुप्ता ने ये बातें शालीमार बाग में एक कार्यक्रम के दौरान कहीं। उन्होंने कहा कि सरकार तो लोगों को घर देने की दिशा में प्रयास कर रही है, लेकिन जनता को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अगर कोई व्यक्ति रेलवे लाइन के बिल्कुल पास जाकर अवैध रूप से झुग्गी बसा लेता है, तो ऐसे में मुख्यमंत्री भी उसे नहीं बचा सकता।
उन्होंने कहा कि अगर इस तरह के अतिक्रमण से कोई हादसा हो जाए—जैसे किसी व्यक्ति या पशु के ट्रेन की चपेट में आने की घटना—तो उसकी ज़िम्मेदारी किसकी होगी? हर नागरिक की यह जिम्मेदारी है कि वह अपने शहर, अपने परिवेश और रेलवे की सुरक्षा को ध्यान में रखे।
मुख्यमंत्री ने साफ किया कि पुनर्विकास का मकसद सिर्फ विकास करना नहीं है, बल्कि लोगों की सुरक्षा, सम्मान और स्थिरता को सुनिश्चित करना है।