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दिल्ली में गैस सिलेंडर के नाम पर बड़ा घोटाला! पुलिस ने किया खुलासा, डिलीवरी एजेंट ही निकले आरोपी

दिल्ली के संगम विहार में क्राइम ब्रांच ने एक बड़े LPG रैकेट का खुलासा करते हुए 183 इंडेन गैस सिलेंडर बरामद किए। इस मामले में चार डिलीवरी एजेंटों को गिरफ्तार किया गया है, जो सिलेंडर ग्राहकों तक पहुंचाने के बजाय गोदामों में स्टोर कर अवैध रिफिलिंग कर रहे थे।

👤 Ashwani Kumar 25 Mar 2026 02:38 PM

Illegal LPG Gas Racket: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने राजधानी के संगम विहार इलाके में चल रहे एक बड़े अवैध LPG रैकेट का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने कुल 183 इंडेन गैस सिलेंडर बरामद किए, जिनमें से 154 भरे हुए और 29 खाली सिलेंडर शामिल हैं। यह खुलासा उस समय हुआ जब पुलिस को गैस सिलेंडरों के गलत तरीके से स्टॉक और उपयोग की सूचना मिली।

डिलीवरी एजेंट ही निकले आरोपी

इस मामले में पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनकी पहचान शेर सिंह, सूरज परिहार, रघु राज सिंह और जितेंद्र शर्मा के रूप में हुई है। चौंकाने वाली बात यह है कि ये सभी आरोपी एक अधिकृत गैस एजेंसी के रजिस्टर्ड डिलीवरी एजेंट थे। पुलिस जांच में सामने आया कि ये लोग गैस सिलेंडर की डिलीवरी के नाम पर अवैध काम कर रहे थे और सिस्टम का गलत फायदा उठा रहे थे। जांच में पता चला कि आरोपी गैस एजेंसी से सिलेंडर लेने के बाद उन्हें ग्राहकों तक पहुंचाने के बजाय किराए के गोदामों में जमा कर लेते थे।

इसके बाद इन सिलेंडरों का अवैध तरीके से भंडारण और रिफिलिंग की जाती थी। इस तरह वे सरकारी नियमों का उल्लंघन कर मोटा मुनाफा कमा रहे थे। यह पूरा काम लंबे समय से चल रहा था और स्थानीय स्तर पर एक नेटवर्क के रूप में काम कर रहा था।

कानून के तहत कार्रवाई

पुलिस ने इस मामले में आरोपियों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। अधिकारियों के अनुसार, इस तरह की अवैध गतिविधियां सिर्फ कानून का उल्लंघन ही नहीं हैं, बल्कि यह आम लोगों की सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा बन सकती हैं।

अवैध रूप से गैस सिलेंडरों का भंडारण और रिफिलिंग करने से किसी भी समय हादसे का जोखिम बढ़ जाता है, साथ ही इससे सरकारी सप्लाई सिस्टम भी प्रभावित होता है।

जांच अभी जारी

फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस रैकेट में और कौन-कौन शामिल है और यह नेटवर्क कितने बड़े स्तर पर काम कर रहा था। इस कार्रवाई के बाद दिल्ली में अवैध LPG कारोबार पर लगाम लगाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।