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नालंदा मंदिर में मातम! भगदड़ में 8 महिलाओं की दर्दनाक मौत, सुरक्षा पर उठे बड़े सवाल-क्या बड़ी चूक छुपाई जा रही है?

बिहार के नालंदा में शीतला मंदिर में मची भगदड़ में 8 महिला श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हो गए हैं। यह हादसा अत्यधिक भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था की कमी के कारण हुआ बताया जा रहा है।

👤 Ashwani Kumar 31 Mar 2026 01:17 PM

Nalanda Temple Stampede: बिहार के नालंदा जिले से एक दर्दनाक खबर सामने आई है, जहां एक मंदिर में मची भगदड़ ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया। मंगलवार सुबह दीपनगर थाना क्षेत्र के मघड़ा स्थित शीतला मंदिर में अचानक भगदड़ मचने से कम से कम 8 महिला श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग घायल हो गए। मृतकों में कुछ महिलाएं पटना की भी बताई जा रही हैं।

भीड़ और अव्यवस्था बनी हादसे की वजह

प्राथमिक जानकारी के अनुसार, मंदिर में अत्यधिक भीड़ और पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण यह हादसा हुआ। हर मंगलवार को यहां हजारों श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं, लेकिन इस बार सुरक्षा इंतजाम नाकाफी नजर आए। भीड़ बढ़ने के दौरान अचानक अफरा-तफरी मची और देखते ही देखते भगदड़ की स्थिति बन गई। हालांकि भगदड़ की सटीक वजह अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है, लेकिन शुरुआती संकेत बताते हैं कि भीड़ नियंत्रण में चूक इस त्रासदी का मुख्य कारण हो सकती है।

राहत-बचाव कार्य जारी, घायलों का इलाज

घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई। कई एंबुलेंस की मदद से घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। करीब 10 से 12 घायलों को इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मंदिर परिसर को खाली कराकर वहां सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है, ताकि स्थिति को नियंत्रण में रखा जा सके और किसी तरह की अफवाह फैलने से रोका जा सके।

बड़े कार्यक्रम के बीच सुरक्षा पर सवाल

घटना के दिन ही नालंदा विश्वविद्यालय में दीक्षांत समारोह आयोजित होना था, जिसमें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के शामिल होने का कार्यक्रम था।

ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या इस बड़े आयोजन के कारण प्रशासन का ध्यान बंटा और मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही हुई? हालांकि इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

जांच के बाद सामने आएगी सच्चाई

फिलहाल प्रशासन की ओर से मृतकों की संख्या और घटना के कारणों की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि हादसा कैसे हुआ और कहां चूक हुई। इस दुखद घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और दहशत का माहौल है। स्थानीय लोग और श्रद्धालु प्रशासन से बेहतर व्यवस्था और सुरक्षा की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।