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नालंदा के शीतला माता मंदिर में भगदड़, 8 लोगों की हुई मौत, जानें कारण?

नालंदा के शीतला माता मंदिर में भारी भीड़ के बीच भगदड़ मच गई, जिसमें कई श्रद्धालुओं की मौत और कई घायल हो गए। अव्यवस्था, टूटे बैरिकेड और ज्यादा भीड़ हादसे की बड़ी वजह बने।

👤 Samachaar Desk 31 Mar 2026 02:20 PM

बिहार के नालंदा जिले के एक छोटे से गांव मघड़ा में स्थित शीतला माता का मंदिर लंबे समय से लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र रहा है। हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं। लेकिन मंगलवार की सुबह यही आस्था का स्थान अचानक एक दर्दनाक हादसे का गवाह बन गया, जब मंदिर परिसर में भगदड़ मच गई। इस हादसे में कई लोगों की जान चली गई और कई अन्य घायल हो गए, जिससे पूरे इलाके में शोक का माहौल है।

मंगलवार का दिन होने के साथ महावीर जयंती का विशेष संयोग था, जिसके कारण सुबह से ही मंदिर में भारी भीड़ जुटने लगी। श्रद्धालुओं की संख्या इतनी अधिक हो गई कि व्यवस्थाएं संभालना मुश्किल हो गया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लगाए गए बैरिकेड अचानक टूट गए, जिससे अफरा-तफरी फैल गई और लोग इधर-उधर भागने लगे।

प्रत्यक्षदर्शियों ने क्या बताया

घटना के दौरान मौजूद लोगों ने बताया कि भीड़ में धक्का-मुक्की अचानक तेज हो गई। कई लोग गिर पड़े और उनके ऊपर अन्य लोग चढ़ते चले गए। एक महिला श्रद्धालु ने दुख जताते हुए कहा कि इस हादसे में उसकी सहेली की जान चली गई। स्थानीय लोगों के अनुसार, मौके पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं थी, जिससे हालात और बिगड़ गए।

गर्मी और अव्यवस्था ने बढ़ाई परेशानी

मंदिर परिसर में तेज धूप और भारी भीड़ के कारण लोगों की हालत खराब होने लगी। कई श्रद्धालु खाली पेट आए थे, जिससे कुछ लोगों को चक्कर आने लगे और वे बेहोश हो गए। स्थिति उस समय और खराब हो गई जब समय पर एम्बुलेंस नहीं पहुंच सकी।

श्रद्धालुओं का कहना है कि मंदिर का गर्भगृह छोटा है, जहां एक साथ ज्यादा लोगों का प्रवेश मुश्किल होता है। इसके बावजूद लोग जल्दी दर्शन करने के लिए आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे थे, जिससे धक्का-मुक्की बढ़ती गई और आखिरकार भगदड़ में बदल गई।

विशेष अवसर पर बढ़ती है भीड़

यह मंदिर बिहारशरीफ से करीब 5 किलोमीटर दूर स्थित है। चैत्र महीने के खास अवसरों, विशेषकर शीतला अष्टमी पर यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस दिन लोग ठंडा भोजन माता को अर्पित करते हैं, जिससे मंदिर में सामान्य दिनों की तुलना में ज्यादा भीड़ रहती है।

हादसे की जानकारी मिलते ही प्रशासन तुरंत सक्रिय हो गया। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। गंभीर रूप से घायल लोगों को बेहतर उपचार के लिए अन्य अस्पतालों में भेजने की तैयारी की जा रही है। फिलहाल मंदिर परिसर को खाली कराकर स्थिति को नियंत्रण में रखा गया है और सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।