टी20 वर्ल्ड कप के सुपर-8 मुकाबले में वेस्टइंडीज ने ऐसी बल्लेबाजी की, जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा। मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए मैच में टीम ने 20 ओवर में 4 विकेट पर 244 रन ठोक दिए। यह टी20 वर्ल्ड कप इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा स्कोर है।
इस विस्फोटक पारी के हीरो रहे शिमरन हेटमायर और रोवमैन पॉवेल, जिन्होंने जिम्बाब्वे के गेंदबाजों की जमकर खबर ली।
टी20 वर्ल्ड कप इतिहास में सबसे बड़ा स्कोर 2007 में श्रीलंका ने 260 रन बनाकर खड़ा किया था। अब 244 रन के साथ वेस्टइंडीज दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। इससे पहले 235 रन का स्कोर आयरलैंड के नाम था, जो अब तीसरे नंबर पर खिसक गया है।
वेस्टइंडीज के पास श्रीलंका का रिकॉर्ड तोड़ने का मौका था, लेकिन आखिरी ओवरों में वह लक्ष्य से थोड़ा पीछे रह गया।
वेस्टइंडीज की शुरुआत अच्छी नहीं रही। ओपनर ब्रेंडन किंग सिर्फ 9 रन बनाकर आउट हो गए, जबकि शाई होप भी 14 रन बनाकर पवेलियन लौटे। शुरुआती झटकों के बाद ऐसा लगा कि टीम बड़ा स्कोर नहीं बना पाएगी। लेकिन इसके बाद हेटमायर और पॉवेल ने मैच का रुख ही बदल दिया। दोनों ने मिलकर आक्रामक बल्लेबाजी की और तेजी से रन जोड़े। शिमरन हेटमायर ने सिर्फ 22 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया और टी20 वर्ल्ड कप में वेस्टइंडीज के लिए सबसे तेज फिफ्टी लगाने वाले बल्लेबाज बन गए।
उन्होंने 34 गेंदों पर 85 रन बनाए, जिसमें 7 चौके और 7 छक्के शामिल थे। रोवमैन पॉवेल ने भी 35 गेंदों में 59 रन की दमदार पारी खेली। उनके बल्ले से 4 चौके और 4 छक्के निकले।
रोमारियो शेफर्ड ने 10 गेंदों में 21 रन बनाए, जबकि जेसन होल्डर ने 4 गेंदों पर 13 रन जोड़े। शरफाने रदरफोर्ड ने 13 गेंदों में नाबाद 31 रन बनाकर पारी को शानदार अंदाज में खत्म किया। पूरी पारी में वेस्टइंडीज ने 19 छक्के और 16 चौके लगाए। जिम्बाब्वे के गेंदबाज इस आक्रमण के सामने बेबस नजर आए। कप्तान सिकंदर रजा सबसे महंगे साबित हुए, जिन्होंने 3 ओवर में 52 रन खर्च कर दिए।